राज्य में निवेश के लिए दक्षिण कोरियाई उद्यमी उत्साहित : पी. वेलरासू

पुणे बनेगा कोरियाई निवेश का प्रमुख केंद्र : पीसीयू-कोरिया सुविधा केंद्र शुरू

    22-Mar-2026
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bfsbn


 पुणे/पिंपरी, 21 मार्च (आ.प्र.)

महाराष्ट्र के विशेषकर पुणे जिला दक्षिण कोरियाई उद्यमियों और निवेशकों के लिए ऑटोमोबाइल और उत्पादन क्षेत्र में निवेश की पहली पसंद बनकर उभर रहा है. महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलरासू (आईएएस) ने वेिशास जताया है कि पुणे का औद्योगिक क्षेत्र आगामी समय में कोरियाई निवेश के एक बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा. उन्होंने घोषणा की है कि कोरियाई उद्योगों के बेहतर समन्वय के लिए जल्द ही ‌‘सिंगल विंडो'योजना शुरू की जाएगी. पुणे के होटल ऑर्चिड में एमआईड़ीसी, ‌‘कोरिया एसएमई एंड स्टार्टअप्स एजेंसी'(कोस्मे) और पिंपरी चिंचवड़ वेिशविद्यालय (पीसीयू) के ‌‘पीसीयू-कोरिया फेसिलिटेशन सेंटर'द्वारा आयोजित एक संयुक्त संगोष्ठी में पी. वेलरासू मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. इस दौरान 40 से अधिक प्रमुख कोरियाई कंपनियों ने महाराष्ट्र में जमीन खरीदने और नए उद्योग स्थापित करने की इच्छा जताई है. कंपनियों ने एमआईडीसी की नीतियों के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. ‌‘पीसीयू-कोरिया फेसिलिटेशन सेंटर' बनेगा सेतु पिंपरी चिंचवड़ एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा स्थापित पीसीयू- कोरिया फेसिलिटेशन सेंटर भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा. पीसीईटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. गिरीश देसाई ने बताया कि यह केंद्र मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों उद्योग सहयोग, कौशल विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित करेगा. वेिशविद्यालय छात्रों के लिए इंटर्नशिप, शोध परियोजनाएं और कोरियाई भाषा कार्यक्रम के माध्यम से वैेिशक अवसर उपलब्ध करा रहा है. निवेश की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सीईओ पी. वेलरासू ने जानकारी दी कि अब से हर तीन महीने में मुंबई स्थित कोरियाई महावाणिज्य दूत, कोरियाई उद्योग प्रतिनिधियों और एमआईडीसी के अधिकारियों के बीच एक संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा. इससे लंबित प्रस्तावों और समस्याओं का त्वरित निपटारा हो सकेगा. संगोष्ठी में एमआईडीसी के संयुक्त सीईओ राठौड़, कोरिया गणराज्य के महावाणिज्य दूत (मुंबई) यू डोंग वॉन, कॉस्मे निदेशक ली जे क्यूंग, पीसीयू के कुलपति हर्षवर्धन पाटिल, सचिन इटकर, डॉ. प्रणव चरखा, प्रा. यूजीन हान सहित हुंडई ग्लोविस, इल्जिन ग्लोबल, ह्योसंग ग्रुप और सेंसोटेक इंडिया जैसी दिग्गज कोरियाई कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.