पिंपरी, 23 मार्च (आ.प्र.) शहर में सोमवार,23 मार्च को सुबह आठ बजे पिंपरी के हेमू कालानी उद्यान में सिंधी समाज के महान क्रांतिकारी हेमू कालानी की 103वीं जयंती के अवसर पर, भारतीय सिंधु सभा ने हेमू कालानी पार्क में उनकी अर्ध-प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस अवसर पर बोलते हुए, भारतीय सिंधु सभा संगठन की पिंपरी-चिंचवड़ शहर शाखा के अध्यक्ष मनोहर जेठवानी ने कहा कि, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा को जल्द ही एक ज्ञापन सौंपा जाएगा. महान क्रांतिकारी हेमू कालानी की आदम कद की प्रतिमा स्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे तथा क्रांतिकारी हेमू कालानी की जयंती पर प्रतिवर्ष विभिन्न सिंधी साहित्यिक सम्मेलन आयोजित करने की मांग भी की जाएगी. हेमू कालानी का जन्म वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सखर गांव में हुआ था. 19 वर्ष की आयु में उन्होंने दमनकारी ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध भारत की स्वतंत्रता के लिए आंदोलन शुरू किया. उन्होंने उस रेलवे ट्रैक से पटरियां हटाकर दुर्घटना करने का प्रयास किया, जिस ट्रेन से कुछ ब्रिटिश अधिकारी और गोला-बारूद लेकर जाने वाले थे, लेकिन उन्हें समय रहते पकड़ लिया और ब्रिटिश सरकार ने उन्हें मृत्युदंड दे दिया.फांसी के दौरान उन्होंने अपने ही हाथ से फंदा अपने गले में डाल लिया था. महान क्रांतिकारी हेमू कालानी को अभिवादन करने के लिए सिंधी समाज के समाजसेवी कार्यकर्ताओं में मनोहर जेठवानी, सुशीला आहूजा, मोती चुगवानी, अजीत कंजवानी, तुलसीदास तलरेजा, श्रीचंद नागरानी, एंशीराम हरजानी, आतम प्रकाश मताई, सुरिंदर मंघनानी, नारायण नाधानी, भगवानदास खत्री, किरण रामनानी, ज्योति मूलचंदानी, हीरालाल रिजवानी, इंदर बजाज, कन्हैया अचारा, नारायण भागचंदानी, हेमंत राजेस्थ, सुशील पारवानी, राम आसवानी और पिंपरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से गणेश वाणी, उमेश भामरे, गुलाब मारणे, नामदेव राणे, गजानन माली और अन्य गणमान्यों ने भी अभिवादन किया.