बावधन, 23 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. एम. एल. श्रॉफ की जयंती के अवसर पर बावधन स्थित ‘बन्सी रत्न ऑडिटोरियमम में ‘नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे' उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया. सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स संचालित सूर्यदत्त कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हेल्थ केयर एंड रिसर्च द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर नेशनल फार्मे सी वेलफेयर एसोसिएशन तथा एसोसिएशन ऑफ फार्मास्युटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया, महाराष्ट्र राज्य शाखा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ. फार्मेसी क्षेत्र में उभरती नई संभावनाओं और चुनौतियों पर आधारित इस कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की बड़ी उपस्थिति रही. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों में व्यावसायिक नैतिकता का विकास करना था. डॉ. ए. पी. पवार ने भारत के फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड के रूप में उभरने पर विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए और विद्यार्थियों को वैेिशक अवसरों की जानकारी दी. जबकि डॉ. संतोष वर्मा ने फार्मेसी शपथ और शिक्षा की गुणवत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला. अमित झा ने व्यावसायिक नैतिकता अपनाने का संदेश दिया और प्रो. एम. एल. श्रॉफ के योगदान को याद किया. डॉ. महेश बुरांडे ने फार्मासिस्ट की सामाजिक जिम्मेदारी और जनजागरूकता अभियानों की आवश्यकता बताई, जबकि डॉ. वी. एन. जगताप ने फार्मालोक संकल्पना के माध्यम से क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझाया. कार्यक्रम के दौरान फार्मेसी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मान्यवरों का डॉ. ए. पी. पवार, अमित झा, डॉ. महेश बुरांडे, डॉ. संतोष वर्मा, डॉ. क्षितिज अग्रवाल, डॉ. सौरभ शर्मा, विवेक सिंह, प्रो. सुनील बाकलीवाल और डॉ. योगेश बाफना का सम्मान किया गया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. सारिका झांबड और डॉ. श्रावणी सोमयाजुला ने प्रभावी ढंग से किया. इस अवसर पर डॉ. सचिन कोतवाल, डॉ. अमोल शाह, प्रो. प्रवीण जवले, प्रो. एन. ए. पाटिल, प्रो. रणजीत टाकले, आशीष झा, डॉ. परदीप बोडके सहित अनेक गणमान्य अतिथि, प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे. प्रो. गौरीशंकर स्वामी ने आभार व्यक्त किया.
फार्मासिस्ट की भूमिका दवा वितरण तक सीमित नहीं सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा, तेजी से बदलते वैेिशक स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्ट की भूमिका अब केवल दवा वितरण तक सीमित नहीं रही है, बल्कि वह स्वास्थ्य सेवा और आधुनिक तकनीक के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है. इस आयोजन की सफलता में उपाध्यक्षा सुषमा चोरडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा.