हांडेवाड़ी, 23 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)व्यवसायियों के लिए जमीन, खाली प्लॉट या गोदाम जैसी अचल संपत्ति केवल एक निवेश नहीं है, बल्कि यह व्यवसाय के विस्तार और स्थिरता प्रदान करने वाली एक रणनीतिक संपत्ति साबित होती है. ऐसी संपत्तियों पर मिलने वाला ऋण, प्लॉट पर गोदाम बनाकर उससे मिलने वाला किराया, और भविष्य में उसी स्थान पर शोरूम या प्रोडक्शन यूनिट शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं. इसके अलावा, यदि जमीन को निवेश के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो इस पर बेहतरीन रिटर्न भी मिलता है. इस संदर्भ में संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन ने अपना मत व्यक्त करते हुए कहा कि, जमीन में किया गया निवेश एक वेिशसनीय और लाभदायक संपत्ति है. उन्होंने आगे यह भी कहा कि वर्तमान वैेिशक अस्थिरता के दौर में जमीन का विकल्प अत्यंत सुरक्षित और भरोसेमंद माना जा सकता है. वैेिशक अर्थव्यवस्था की हलचल और स्थानीय बाजार के लेन-देन में अनिश्चितता और अस्थिरता का यह दौर है. शेयर बाजार, सोने-चांदी की कीमतें या अन्य वित्तीय योजनाओं में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहे हैं. ऐसी स्थिति में जमीन दीर्घकालिक सुरक्षा और वेिशसनीयता प्रदान करती है. संतोष जैन ने आगे कहा कि, जमीन एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है. जनसंख्या बढ़ रही है, लेकिन जमीन का विस्तार नहीं हो सकता. स्वाभाविक रूप से, जमीन का मूल्य प्राकृतिक रूप से बढ़ता रहता है. इसी बात को ध्यान में रखकर जमीन में निवेश करना चाहिए. उनके अनुसार, अन्य संपत्तियों की तुलना में जमीन को अविनाशी माना जाता है. मंदी के समय में जब किसी मुद्रा (करेंसी) की दर गिरती है, तब भी बाकी तुलनात्मक रूप से अचल संपत्ति का मूल्य स्थिर रहता है या बढ़ता है. इसीलिए जमीन को एक मजबूत एसेट क्लास माना जाता है. जमीन में निवेश दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण का एक बेहतरीन जरिया है. शहरों के विस्तार और बढ़ते शहरीकरण के कारण ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है.
अपने नाम पर जमीन होने के फायदे अपने स्वामित्व वाली जमीन न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि समाज में एक प्रतिष्ठा भी दिलाती है. जरूरत के समय जमीन पर ऋण लेना आसान हो जाता है. साथ ही, भविष्य में अपना घर बनाने या कृषि व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए अपनी जमीन होना एक बड़ा आधार साबित होता है. संक्षेप में कहें तो, बदलते समय में दस्तावेजों की सटीकता बनाए रखते हुए जमीन में किया गया निवेश आपके परिवार के सुरक्षित भविष्य की एक मजबूत नींव बन सकता है. कुल मिलाकर, ऐसी अचल संपत्ति एक व्यवसायी को बाजार के उतार-चढ़ाव में एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है. -संतोष जैन, डायरेक्टर, संतोष ग्रुप एवम् संतोष स्टील्स
किराए की जगह पर निर्भरता कम हो जाती है
ई-कॉमर्स और रिटेल बिक्री के बढ़ते विस्तार के कारण भंडारण का महत्व काफी बढ़ गया है. अपना खुद का गोदाम होने से किराए का बड़ा खर्च बचता है. * यदि खाली प्लॉट उपलब्ध हो, तो वहां अस्थायी शेड बनाकर माल का भंडारण किया जा सकता है या उस जगह को अन्य कंपनियों को किराए पर देकर अतिरिक्त आय का स्रोत बनाया जा सकता है. * खुद के नाम पर जमीन होने से किराए की जगह पर निर्भरता कम हो जाती है. व्यवसाय की ओवरहेड कॉस्ट कम होती है और मुनाफे का अनुपात बढ़ता है. * भविष्य में वहां उत्पादन इकाई शुरू करने, शोरूम बनाने या ऑफिस स्पेस तैयार करने के लिए अपनी हक की जगह उपलब्ध रहती है.