राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने जिला परिषद और शासकीय विद्यालयाें में विद्यार्थियाें की संख्या बढ़ाने के लिए अभियान काे जनआंदाेलन का रूप देने और प्रत्येक गांव में शाला प्रवेशाेत्सव उत्साहपूर्वक मनाने का आह्वान किया.दाैंड तालुका के गरदरेवाड़ी (वडगांव बांडे) स्थित जिला परिषद विद्यालय में रविवार (22 मार्च) काे आयाेजित राज्यस्तरीय अभियान के उद्घाटन अवसर पर वे बाेल रहे थे. इस माैके पर विधायक राहुल कुल, जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले उपाध्यक्ष विवेक वलसे पाटिल, पूर्व विधायक रमेशथाेरात, महाराष्ट्र राज्य शैक्षणिक परिषद के संचालक डाॅ. हेमंत वसेकर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल, प्राथमिक शिक्षा संचालक शरद गाेसावी तथा माध्यमिक शिक्षा संचालक महेश पालकर उपस्थित थे.
दादाजी भुसे ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिला परिषद और शासकीय विद्यालयाें काे विद्यार्थियाें से भरपूर बनाना है. शिक्षकाें काे घरघर जाकर अभिभावकाें से संवाद करना चाहिए और शाला प्रवेशाेत्सव काे त्याैहार की तरह मनाना चाहिए. उन्हाेंने सरपंच, ग्रामीणाें, अभिभावकाें और शिक्षकाें से संयुक्त रूप से पहल करने तथा यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे और विद्यालयाें की छात्र संख्या दाेगुनी हाे.वीरधवल जगदाले ने कहा कि पुणे जिले में जनसहभागिता से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन हाे रहा है.
जिला परिषद के लगभग 300 कराेड़ रुपये के बजट में से 56 कराेड़ रुपये शिक्षा के लिए आरक्षित किए गए हैं.गजानन पाटिल ने बताया कि जिला परिषद की ओर से विद्यार्थियाें के सर्वांगीण विकास के लिए इसराे और नासा भ्रमण, 303 माॅडल स्कूल, विज्ञान प्रदर्शन, बालकुमार साहित्य सम्मेलन जैसे नवाचारात्मक उपक्रम चलाए जा रहे हैं.इस अवसर पर विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले लक्ष्मण गर्दे का शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे के हाथाें विशेष सम्मान किया गया. साथ ही इनाेबल फाउंडेशन द्वारा सीएसआर के माध्यम से विद्यालय काे सहयाेग देने पर चिराग भंडारी और नरेश शाह काे भी सम्मानित किया गया.