काेराेना काल में खरीदी चिकित्सा सामग्री धूल फांक रही

    25-Mar-2026
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corona 
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा द्वारा काेराेना महामारी के दाैरान कराेड़ाें रुपये खर्च कर खरीदी गई चिकित्सा सामग्री अब भाेसरी-गवलीमाथा स्थित बाल क्रीड़ानगरी में उपेक्षा का शिकार हाे रही है. काेविड़ सेंटर बंद हाेने के तीन साल बाद भी बेड़, गद्दे, पीपीई किट और रैक जैसी महत्वपूर्ण सामग्रियां यहां खुले में सड़ रही हैं, जिससे करदाताओं के पैसाें की भारी बर्बादी की आशंका जताई जा रही है.काेविड़ के दाैर में हुई थी भारी खरीदारी- काेराेना महामारी के चरम काल में मनपा ने शहर के विभिन्न हिस्साें में ‘काेविड़ केयर सेंटर’ स्थापित किए थे. इनके संचालन के लिए बड़ी मात्रा में बेड, गद्दे, पीपीई किट, मास्क, मरीजाें के सामान के लिए रैक, ऑक्सीजन सिस्टम और अग्निशमन यंत्राें की खरीदारी की गई थी. भाेसरी की बाल क्रीड़ानगरी काे भी एक सुसज्जित काेविड़ सेंटर में बदला गया था, जहां ऑक्सीजन आपूर्ति और शाैचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई थीं.
 
सुरक्षा के दावाें के बीच गायब हाे रहा सामानवर्तमान स्थिति यह है कि काेराेनाकाल समाप्त हुए तीन वर्ष से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन यहां रखी गई सामग्रियां उपयाेग न हाेने के कारण खराब हाे रही हैं. स्थानीय नागरिकाें की शिकायत है कि, मनपा ने यहां सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं, इसके बावजूद कीमती सामान धीरे-धीरे चाेरी हाे रहा है. उचित रख-रखाव के अभाव में लाेहे के बेड और मशीनरी में जंग लग रहा है. गद्दे और अन्य कपड़ा सामग्रियां नमी और धूल के कारण सड़ रही हैं.बाल क्रीड़ानगरी की दुर्दशाकभी बच्चाें के खेलने और मनाेरंजन के लिए कराेड़ाें की लागत से बनाई गई बाल क्रीड़ानगरी अब केवल एक ‘कबाड़खाना’ बनकर रह गई है.स्थानीय जनप्रतिनिधियाें और प्रशासन की अनदेखी के कारण इस परिसर की सुंदरता खत्म हाे गई है और इसे अब केवल फालतू सामान रखने के लिए एक ‘गाेदाम’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.