शिवाजीनगर, 24 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
महिलाओं के नाम पर मौजूद 500 वर्ग फुट तक के घरों को संपत्ति कर में 50 प्रतिशत तक की छूट, महिलाओं के लिए शहर में 100 स्थानों पर अत्याधुनिक सार्वजनिक शौचालय, मनपा स्कूलों में छात्राओं के लिए पिंक रूम, महिलाओं के लिए स्वतंत्र कन्वेंशन सेंटर जैसी विभिन्न आकर्षक योजनाओं के साथ स्वास्थ्य और उद्यानों की विविध योजनाओं को शामिल करते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने 15 हजार 669 करोड़ रुपये का बजट मंगलवार को सामान्य सभा में प्रस्तुत किया. वास्तव में मनपा की आय लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास होने की संभावना है जबकि राजस्व व्यय 8 हजार करोड़ रुपये तक होगा. ऐसे में लगभग 165 नगरसेवकों और विधायकों को सूची से करीब एक हजार करोड़ रुपये की निधि दिए जाने के बावजूद प्रस्तुत योजनाओं को पूरा करना भिमाले के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा. स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने मंगलवार को वर्ष 2026-27 का बजट साधारण सभा में प्रस्तुत किया. मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने 13 हजार 995 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था. भिमाले ने इसमें 1 हजार 674 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए 15 हजार 669 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया. बजट प्रस्तुत करते समय भिमाले ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण, जलसंधारण, मलनिस्सारण, सड़कों का विकास, राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण, महिला सशक्तिकरण, सड़कों के विकास जैसी विभिन्न योजनाओं पर जोर दिया. इनमें से अधिकांश परियोजनाएं पुरानी ही हैं, लेकिन उन्हें निकट भविष्य में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. बजट में योजनाओं की भरमार होने के बावजूद आय के मामले में पूरी तरह शासन के निर्णयों पर निर्भर रहना पड़ेगा, ऐसा दिखाई दे रहा है. भिमाले ने आय बढ़ाने के लिए राजस्व समिति स्थापित करने की घोषणा की है. वास्तव में शासन के कुछ निर्णयों के कारण पिछले कई वर्षों से मनपा की आय में गिरावट आई है. पिछले चार वर्षों से भाजपा समर्थित सरकार होने के बावजूद इस पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है. मुख्य रूप से शामिल गांवों की कर संरचना को लेकर शुरू विवाद अभी भी सुलझा नहीं है. शासन द्वारा शामिल गांवों की संपत्ति कर बकाया पर स्थगन दिए जाने से अब भी 2 हजार करोड़ रुपये की बकाया राशि है. पुणे कैन्टोंमेंट बोर्ड और खड़की कैन्टोंमेंट बोर्ड के पास करोड़ों रुपये की पानीपट्टी बकाया कई वर्षों से लंबित है. मनपा में शामिल किए गए 23 गांवों से शासन को जमा होने वाले जीएसटी के रिफंड की राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है. मोबाइल कंपनियों के पास करोड़ों रुपयों की बकाया राशि है. इस संबंध में विवाद कई वर्षों से न्यायालय में लंबित है. जब तक इस पर निर्णय नहीं होता तब तक मनपा को अपेक्षित आय मिलना कठिन दिखाई देता है.
आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे : भिमाले
मनपा की आय बढ़ाने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे. इसकी शुरुआत आगामी 1 अप्रैल से की जाएगी. साथ ही शामिल गांवों में कर वसूली और होर्डिंग नीति का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा. इसके साथ अन्य उपायों के माध्यम से लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की आय प्राप्त करने का दावा स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने पत्रकार-वार्ता में किया. भिमाले ने कहा, शहर में 3 हजार 600 किमी अवैध ओवरहेड केबल हैं. आगामी एक अप्रैल से इन केबलों को हटाने का अभियान चलाया जाएगा. कुछ कंपनियों ने केबल भूमिगत करने की अनुमति मांगी है. इतने बड़े पैमाने पर केबल भूमिगत बिछाने पर 1 हजार 400 करोड़ रुपयों की आय प्राप्त होगी. मनपा में शामिल गांवों में निर्माण अनुमति अब मनपा के पास आ गई है. इससे लगभग 1 हजार करोड़ रुपये निर्माण विकास शुल्क प्राप्त होगा. शामिल गांवों की प्रॉपर्टी टैक्स नीति आगामी एक महीने में तैयार की जाएगी. इससे 700 करोड़ रुपये की आय होगी. अवैध निर्माणों पर तीन गुना कर लगाया जाता है. ऐसी प्रॉपर्टीज पर डेढ़ गुना कर वसूला जाएगा. इससे लगभग 400 करोड़ रुपये की आय अपेक्षित है. शासन की संस्थाओं तथा शैक्षणिक संस्थाओं के पास बड़ी मात्रा में कर बकाया है. इस बकाया की वसूली के लिए शासन के माध्यम से प्रयास किए जाएंगे. लगभग 140 करोड़ रुपये की बकाया वसूली की जाएगी. शहर में बिना कर निर्धारण वाली प्रॉपर्टीज की संख्या बहुत अधिक है. एक संस्था के माध्यम से अब तक 340 करोड़ रुपये कर वसूली योग्य प्रॉपर्टीज खोजी गई हैं. इन पर कर वसूली के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे. पीपीपी पर अमेनिटी स्पेस का डेवलपमेंट मनपा की 950 अमेनिटी स्पेस में से 164 स्थानों पर आरक्षण है. इन आरक्षणों को किराये के आधार पर विकसित किया जाएगा. इससे मनपा का खर्च बचेगा और आय भी प्राप्त होगी. इसके साथ ही शहर के फ्लाईओवरों के लिए राज्य शासन 500 करोड़ रुपये की सहायता देगा. साथ ही अग्निशमन दल के लिए 350 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. अमृत 2 और एनडीएमए के माध्यम से 350 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त होगा. शासन वह आदेश वापस लेगा राज्य शासन ने मनपा क्षेत्र में विकास से पहले भूमि मापन की जिम्मेदारी मनपा को सौंपी है. भूमि मापन की व्यवस्था राजस्व विभाग की होने के कारण मनपा ने भूमि मापन से इन्कार कर दिया है जिससे शहर के अनेक निर्माण प्रस्ताव लंबित हैं. इसका प्रभाव मनपा के विकास शुल्क पर पड़ा है. इस संबंध में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से चर्चा हुई है. उन्होंने यह निर्णय वापस लेने की तैयारी दिखाई है. इस संबंध में शीघ्र ही शासन आदेश जारी होंगे. इससे निर्माण शुल्क की आय में वृद्धि होगी, ऐसा वेिशास स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने व्यक्त किया. आश्वासनों को पूरा करेंगे शहर के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर बजट प्रस्तुत किया गया है. शहर में स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन सुधार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले समय में पुणे का स्वरूप बदलने के लिए मेरे प्रयास जारी रहेंगे. इस बजट का क्रियान्वयन एक वर्ष में किया जाएगा तथा ओशासनों को पूरा करने के लिए मैं प्रयासरत रहूंगा.
निधि वितरण में सभी दलों के नगरसेवकों के बीच रखा संतुलन स्थायी समिति अध्यक्ष ने बजट में ‘स' सूची के माध्यम से सभी दलों के सदस्यों को संतुष्ट करने का प्रयास किया है. विशेष रूप से सत्तारूढ़ भाजपा के उपनगरों से निर्वाचित सदस्यों को औसतन 7 करोड़ रुपये तथा मध्यवर्ती क्षेत्रों के नगरसेवकों को भी औसतन 7 करोड़ रुपये का निधि आवंटित की गई है. वहीं सहयोगी दल तथा मनपा के प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नगरसेवकों को 4 करोड़ रुपये तथा कांग्रेस के नगरसेवकों को 3 करोड़ रुपये की निधि ‘स' सूची से उपलब्ध कराई गई है. स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने अपना पहला बजट प्रस्तुत करते समय पक्षीय मतभेदों को अधिक महत्व न देते हुए उदारता से सभी नगरसेवकों को संतुष्ट करने का प्रयास किया है. सभी दलों के नेताओं को औसतन लगभग 10 करोड़ रुपये ‘स' सूची से विकासकार्यों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं. वहीं स्थायी समिति के सदस्यों को औसतन 12 करोड़ रुपये की निधि प्रदान की गई है.
मनपा बजट 2026-27 में रुपया
ऐसे आएगा और ऐसे जाएगा
जमा साइड
प्रॉपर्टी टैक्स : 25%
पानीपट्टी : 5%
सरकारी अनुदान : 9%
शहर डेवलपमेंट चार्जेस : 23%
विभिन्न योजनाएं : 1%
अन्य आय : 10%
ऋण और बांड : 3%
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) : 24%
खर्च साइड
विकास कार्य और परियोजनाएं : 48%
ऋण चुकाने और ब्याज भुगतान : 1%
वार्ड स्तर के कार्य : 1%
नुकसान, पेट्रोल, अन्य खर्च,
रखरखाव और दवाइयां : 19%
क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा किए जाने
वाले कार्य : 1%
कर्मचारी वेतन और भत्ते : 25%
बिजली खर्च और मरम्मत : 3%
जल आपूर्ति खर्च : 1%
अन्य खर्च : 1%
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया जाएगा
महिलाओं के प्रॉपर्टी अधिकार को प्रोत्साहन देने के लिए 31 मार्च 2026 तक 500 वर्ग फुट तक महिलाओं के नाम पर दर्ज प्रॉपर्टीज को 50 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स छूट देने की योजना लागू की जाएगी. वर्ष 2027 में इस योजना पर अमल होगा. इससे महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही महिलाओं की उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए मनपा द्वारा एक स्वतंत्र कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा. नाबालिग बालिकाओं के स्वास्थ्य और मानसिक सशक्तिकरण के लिए मनपा के 75 विद्यालयों में ‘तीची हक्काची जागा' अवधारणा के अंतर्गत पिंक रूम विकसित किए जाएंगे. इसके माध्यम से डिजिटल परामर्श और मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध होगी. महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर 100 आधुनिक और स्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा.
8 विधानसभा क्षेत्रों में मनपा मार्केट बनाए जाएंगे
शहर के फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त होंगे. शहर के फेरीवालों को नियोजित स्थान उपलब्ध कराने के लिए सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों में मनपा मार्केट विकसित किए जाएंगे. इससे अतिक्रमण पर नियंत्रण रखा जा सकेगा जिससे ट्रैफिक जाम जैसे समस्याओं से भी नागरिकों को मुक्ति मिलेगी. इसके साथ ही मनपा को अच्छा राजस्व मिलने के कारण अतिरिक्त आय होगी. इसलिए मनपा मार्केट का प्रावधान किया गया है.
जीसीसी और निवेश सुविधा कक्ष से आर्थिक विकास को बढ़ावा
राज्य की नई उद्योग नीति के अनुसार पुणे को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. इससे औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा, निवेश में वृद्धि होगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा. इस प्रक्रिया के लिए पुणे मनपा आवश्यक बुनियादी सुविधाएं और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराएगी. साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से ‘पुणे महानगर ग्रोथ हब' यह महत्वाकांक्षी परियोजना लागू की जाएगी, जिसके माध्यम से प्रौद्योगिकी, उद्योग-उत्पादन, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में पुणे को वैेिशक स्तर पर अग्रणी बनाने का प्रयास किया जाएगा. शहर में निवेश बढ़ाने के लिए ‘निवेश सुविधा कक्ष' स्थापित किया जाएगा.
रोप-वे और ऑर्बी हवाई अनुभव भी मिलेगा
शहर की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन करते हुए पर्यटन तथा सांस्कृतिक आधारभूत संरचनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सारसबाग से पर्वती टेकड़ी तक रोप-वे, सारसबाग में कांच का पुल और ‘ऑर्बी' नामक अत्याधुनिक हवाई अनुभव केंद्र विकसित किए जाएंगे. पुणे की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सार्वजनिक गणेशोत्सव संग्रहालय, सांस्कृतिक खाका तथा अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. ‘पुणे प्रथम' ब्रांडिंग के माध्यम से शहर की पहचान वैेिशक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा. बालगंधर्व रंगमंदिर का पुनर्विकास, बाणेर-बालेवाड़ी क्षेत्र में ‘पुणे कला अकादमी' की स्थापना और कोथरुड में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुस्तकालय के निर्माण की योजना बनाई गई है.
शामिल गांवों के विकास को गति दी जाएगी
शामिल 23 गांवों के लिए विकास योजना की मंशा घोषित कर एक वर्ष के भीतर प्रारूप योजना तैयार करने का कार्य शुरू किया जाएगा. इस योजना में सड़कों, जलापूर्ति, उद्यानों, अस्पतालों और स्कूलों के लिए आवश्यक आरक्षण तय कर उनका क्रियान्वयन किया जाएगा. बजट में 700 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है. साथ ही उद्यानों के लिए आरक्षित भूमि को अधिग्रहित कर विभिन्न थीम पार्क विकसित किए जाएंगे. इससे हरित क्षेत्र में वृद्धि होने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और सार्वजनिक स्थलों का लाभ प्राप्त होगा.
पहली वायु नियंत्रण प्रणाली स्थापित की जाएगी
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए देश की पहली अत्याधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी सिद्धांत पर स्थापित की जाएगी. इस प्रणाली के माध्यम से वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई का निरंतर मापन किया जाएगा और प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय तुरंत लागू किए जा सकेंगे. पुणे को ‘लेक सिटी' के रूप में विकसित करने के लिए पहले चरण में पाषाण, मॉडल कॉलोनी और जांभुलवाड़ी स्थित तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. मनपा की ओर से जनभागीदारी के माध्यम से एक वर्ष में कुल 50 लाख वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. साथ ही ‘शहरी जलयुक्त शिवार' योजना के अंतर्गत वेताल टेकड़ी, पांचगांव पर्वती, वारजे, गंगाधाम, हड़पसर और धानोरी क्षेत्रों में जलसंग्रहण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे.
अब अजितदादा पवार शहरी गरीब योजना
मनपा की सबसे लोकप्रिय स्वास्थ्य सहायता योजना शहरी गरीब स्वास्थ्य सहायता योजना को दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार का नाम देने का निर्णय लिया गया है. 6 प्रसूति-गृहों और 5 अस्पतालों को मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों में विकसित किया जाएगा, जहां आईसीयू, एनआईसीयू और अत्याधुनिक नर्सिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. कैंसर उपचार के लिए बाणेर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से मनपा का पहला कैंसर अस्पताल शुरू किया जाएगा. गंगाधाम क्षेत्र में एमआरआई और सीटी-स्कैन केंद्र स्थापित किए जाएंगे. मनपा के प्रसूति-गृहों में आईवीएफ उपचार सेवा शुरू की जाएगी, जिससे बांझपन से संबंधित आधुनिक उपचार जरूरतमंद परिवारों को किफायती दरों पर मिल सकेंगे. कैंसर और डायलिसिस उपचार के लिए आर्थिक सहायता सीमा में वृद्धि करते हुए 3 लाख रुपए की.
‘दिव्यांग भवन' स्थापित किया जाएगा
दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए शहर में अत्याधुनिक खेल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा. 21 प्रकार की दिव्यांगता के लिए आधुनिक पुनर्वास सुविधाएं प्रदान करने वाला ‘दिव्यांग भवन' स्थापित किया जाएगा, जिसमें थेरेपी, डिजिटल लाइब्रेरी, व्यावसायिक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन सुविधाएं दी जाएंगी. दिव्यांग नागरिकों के लिए कृत्रिम अंग केंद्र शुरू किया जाएगा.
स्वतंत्र राजस्व समिति स्थापित की जाएगी
मनपा की स्वतंत्र राजस्व समिति स्थापित की जाएगी, जो आय वृद्धि योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करेगी. इस समिति के माध्यम से कर संग्रह और बकाया वसूली पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा. विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार से अधिक निधि प्राप्त करने हेतु एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा. साथ ही विभिन्न अनुदानों तथा शासकीय कार्यालयों की बकाया राशि वसूल करने के लिए एक अलग प्रकोष्ठ कार्यरत किया जाएगा. शहर विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर प्रकोष्ठ को अधिक सशक्त बनाया जाएगा.
पुणे रिवरफ्रंट एक्सपीरियंस पार्क परियोजना
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुणे रिवरफ्रंट एक्सपीरियंस पार्क परियोजना लागू की जाएगी, जिसमें स्काई व्हील, मल्टीमीडिया रिवर शो, जिपलाइन, कयाकिंग, स्काईवॉक और एडवेंचर जोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इससे पुणे का पर्यटन मानचित्र पर महत्व बढ़ेगा और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा. शहर की पार्किंग समस्या के समाधान के लिए आरक्षित स्थानों पर पीपीपी सिद्धांत पर बहुमंजिला पार्किंग विकसित की जाएगी और जीआईएस मैपिंग के माध्यम से पार्किंग प्रबंधन को अधिक सक्षम बनाया जाएगा.
सड़क विकास को गति मिलेगी, 12 नई सड़कें बनेंगी
विकास योजना की 32 मिसिंग लिंक में से 12 सड़कों का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है, जो पूर्ण होने के बाद लगभग 65 किलोमीटर सड़कें नागरिकों के लिए खुली होंगी. इस वर्ष 12 नई सड़कों का कार्य शुरू किया जाएगा. प्रमुख सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सड़क दत्तक योजना लागू की जाएगी. इसके अंतर्गत 35 प्रमुख सड़कों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी सीएसआर के तहत कॉर्पोरेट कंपनियों, संस्थाओं और डेवलपर्स को सौंपी जाएगी. मध्य पुणे स्थित लक्ष्मी रोड, थोरले बाजीराव सड़क और छत्रपति शिवाजी रोड को हेरिटेज स्वरूप देने की योजना बनाई गई है.
एआई शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाएगी
मनपा में एआई आधारित शिकायत प्रबंधन डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा और शहर के सभी 15 प्रभाग कार्यालयों में प्रत्येक में दो प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी. इस प्रणाली के माध्यम से नागरिकों की शिकायतें संबंधित विभागों को स्वतः भेजी जाएंगी और उन पर तुरंत कार्रवाई होगी. साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से शिकायत निवारण की गति और गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा. मनपा की डिजिटल क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा. शिक्षा क्षेत्र में भी डिजिटल परिवर्तन करते हुए 75 स्कूलों में स्मार्ट डिजिटल टीवी, हाई स्पीड इंटरनेट और इंटरैक्टिव पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे.
कात्रज प्राणी संग्रहालय का विकास किया जाएगा
कात्रज स्थित राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है. वर्तमान में यहां 104 वन्यजीव प्रजातियां हैं, जिन्हें बढ़ाकर 150 तक किया जाएगा. जिराफ, जेब्रा, अफ्रीकी चीता, एनाकोंडा, बबून जैसी विदेशी प्रजातियों को शामिल किया जाएगा तथा बर्ड पार्क में देशी-विदेशी पक्षियों की 60 प्रजातियों का संरक्षण किया जाएगा. पुराने हो चुके सर्पोद्यान का आधुनिकीकरण किया जाएगा और संग्रहालय के लिए भव्य प्रवेशद्वार बनाने की भी योजना है. सिंहगढ़ रोड स्थित पु. ल. देशपांडे उद्यान के कलाग्राम परियोजना के लंबित विकास कार्य शीघ्र ही पूर्ण किए जाएंगे.