महाराष्ट्र के कुलदैवत और आगरीकाेली समाज की आराध्य देवी आई एकवीरा के चैत्री उत्सव का मुख्य पालकी महाेत्सव बुधवार काे अपार उत्साह के साथ संपन्न हुआ. लाेनावला के समीप वेहेरगांव-कार्ला पर्वत पर स्थित मंदिर परिसर आई एकवीरा का उदाे-उदाे और एकवीरा माउली के गगनभेदी जयकाराें से गूंज उठा. इस पावन अवसर पर अपनी कुलस्वामिनी के दर्शन के लिए महाराष्ट्र के काेने-काेने से लाखाें श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा. यात्रा का मुख्य आकर्षण रही ेवी की पालकी जैसे ही बुधवार शाम सात बजे मंदिर के प्रांगण में पहुंची, दर्शनार्थियाें की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.समूचा वातावरण भक्तिमय हाे गया.काेली गीताें और देवी के भजनाें की थाप पर भक्त झूमते-नाचते नजर आए. पारंपरिक वाद्य यंत्राें के बीच भंडार (हल्दी), गुलाल और फूलाें की जमकर उधलन की गई, जिससे पूरा पर्वत मानाे सुनहरे और लाल रंगाें में सराबाेर हाे गया.ज्ञात हाे कि साढ़े तीन शक्तिपीठाें में से एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ मानी जाने वाली श्री एकवीरा देवी की यह यात्रा तीन दिनाें तक चलती है.