सरकार ने उन सभी मीडिया रिपाेर्ट्स काे गलत बताया है जिनमें गैस सिलेंडर बुक करने के नियमाें में बदलाव की बात कही जा रही है. सरकार ने कहा-अगर आप के पास पीएनजी कने्नशन है ताे एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा. केंद्र ने कहा- यदि घर के पास पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध हाे ताे कने्नशन लेना ही हाेगा. यदि ऐसा नहीं किया ताे एलपीजी की सप्लाई राेक दी जाएगी. सरकार ने इसके लिए 3 महीने का माैका दिया है. सरकार ने 35 दिन बाद गैस की बुकिंग की खबराें काे भी अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया.मीडिया रिपाेर्ट्स में कहा जा रहा है कि अब पीएम उज्ज्वला याेजना वाले उपभाेक्ता अब 45 दिन और नाॅन-पीएमयूवाई उपभाेक्ता दूसरा सिलेंडर 35 दिन बाद ही बुक करा सकेंगे.
पेट्राेलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसा काेई बदलाव नहीं किया गया है. रीफिल बुकिंग के ुराने नियम ही लागू रहेंगे और उनमें काेई बदलाव नहीं हुआ है. यानी एक सिलेंडर डिलीवर हाेने के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद कर सकेंगे. 14.2 किलाे वाले घरेलू सिलेंडर के मुकाबले 19 किलाे वाले काॅमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर कहीं ज्यादा दबाव है. 22 मार्च काे केंद्र सरकार ने राज्याें और केंद्र शासित प्रदेशाें के लिए काॅमर्शियल एलपीजी के काेटे में 20% की अतिरिक्त बढ़ाेतरी काे मंजूरी दी थी.इसके साथ ही अब कुल आवंटन बढ़कर 50% हाे गया है. हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इस फैसले का जमीन पर असर दिखने में अभी दाे से तीन दिन का समय लग सकता है. भारत सरकार के पेट्राेलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘अनिवार्य वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत एक नया आदेश जारी किया है.इस नए नियम का मकसद देशभर में गैस पाइपलाइन बिछाने और उनके विस्तार के काम काे रफ्तार देना है.