शिवाजीनगर, 25 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के 15,669 करोड़ रुपये के बजट को बुधवार को सामान्य सभा में करीब 9 घंटे चली चर्चा के बाद मंजूरी दे दी गई. सत्तारूढ़ भाजपा के सदस्यों ने बजट में शामिल नवीन योजनाओं की सराहना करते हुए इसे राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के अनुरूप बताया. वहीं विपक्ष ने आय की स्पष्टता न होने के बावजूद बजट को आंकड़ों का खेल बताते हुए इसे फुलाया हुआ और भ्रामक करार दिया. स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने मंगलवार को यह बजट प्रस्तुत किया था. बजट पेश होने के दूसरे ही दिन उस पर चर्चा कर मंजूरी मिलना एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है. विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस ने बजट में विपक्षी नगरसेवकों को कम निधि दिए जाने पर नाराजगी जताई. राष्ट्रवादी कांग्रेस के नगरसेवकों ने राज्य और केंद्र में भाजपा के साथ राजनीतिक समीकरणों के चलते सीधी आलोचना से परहेज किया, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन जैसे क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया. नगरसेवक दत्ता बहिरट ने प्रति विद्यार्थी 68 से 70 हजार रुपये खर्च होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त की और शिक्षकों के निरीक्षण व प्रशिक्षण की जरूरत बताई. पूर्व महापौर प्रशांत जगताप ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में पीएमपी का घाटा 16 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़ रुपये हो गया, जबकि यात्रियों की संख्या केवल 9 लाख से 11 लाख तक ही बढ़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएमपी केवल ठेकेदारों के हित में चलाई जा रही है. उन्होंने मेट्रो और पीएमपी को सशक्त करने के साथ मुंबई की तर्ज पर बड़े पैमाने पर फ्लाईओवर बनाने की जरूरत बताई. साहिल केदारी ने आय में वृद्धि के दावों को भ्रामक बताते हुए संपत्ति कर वृद्धि, निर्माण क्षेत्र और वैेिशक आर्थिक परिस्थितियों का मुद्दा उठाया. अरविंद शिंदे ने बजट को अवास्तविक बताते हुए आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया. हर्षवर्धन मानकर ने योजनाओं को अच्छा बताया, लेकिन उनके क्रियान्वयन को चुनौतीपूर्ण बताया. नंदिनी धेंडे ने मेडिकल कॉलेज का काम लंबित होने और केंद्रीय संस्था द्वारा मान्यता रद्द करने की चेतावनी का मुद्दा उठाया. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पीपीपी मॉडल पर देने का विरोध किया. कांग्रेस के गटनेता रामचंद्र कदम ने महिलाओं के नाम पर 500 वर्ग फुट तक की संपत्तियों पर 50 प्रतिशत कर छूट की घोषणा को भ्रामक बताया और भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. विपक्ष के नेता एड. निलेश निकम ने शहरी गरीब योजना को अजितदादा पवार का नाम देने का स्वागत किया, लेकिन निधि वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया. इस दौरान बाबूराव चांदेरे, प्रिया गदादे, अविनाश सालवे, राकेश कामठे और सुनील शिंदे ने भी अपने विचार रखे.सत्तापक्ष की ओर से योजनाओं का स्वागत करते हुए हरिदास चरवड और सुभाष नाणेकर ने समाविष्ट गांवों के विकास के लिए प्रावधानों की सराहना की. उमेश गायकवाड़ ने इसे पूर्व के बजटों से बेहतर बताया. अर्चना पाटिल, अजय खेडेकर, स्वरदा बापट, रुपाली धाड़वे, निवेदिता एकबोटे, पुनीत जोशी, ऐेशर्या थोरात और सपना छाजेड़ ने इसे पुणे के विकास को गति देने वाला बजट बताया.साथ ही पृथ्वीराज सुतार, मानसी देशपांडे, सुरेंद्र पठारे, मनीषा चोरबेले, स्मिता वस्ते, धीरज घाटे, सुभाष नाणेकर, कल्पना बहिरट और वर्षा तापकीर ने महिला सशक्तिकरण, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की सराहना की.