गुलटेकड़ी, 26 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वर्तमान में चीनी का निर्यात रुक गया है. साथ ही, देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने की वजह से कीमतों में गिरावट आई है. गुलटेकडी मार्केटयार्ड में चीनी के दाम में प्रति क्विंटल औसतन 50 से 60 रुपये की कमी दर्ज की गई है. फरवरी में चीनी की औसत दर 4,060 से 4,070 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब गिरकर 4,000 से 4,010 रुपये तक पहुंच गई है. व्यापारियों ने बताया कि यहां के होलसेल बाजार प्रतिदिन 20 से 25 ट्रक चीनी आती है. गर्मियों में मांग बढ़ने पर इसमें दो ट्रक कवृद्धि हो जाती है. हालांकि वर्तमान में आवक नहीं बढ़ी है, लेकिन आने वाले समय में इसके बढ़ने की संभावना है. चीनी का प्रचुर भंडार उपलब्ध होने के साथ-साथ अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण निर्यात रुक गया है. परिणामस्वरूप, होलसेल बाजार में चीनी की कीमतों में गिरावट आई है. व्यापारियों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है. हालांकि, वर्तमान में युद्ध के कारण निर्यात बंद है और स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए चीनी की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है.इस्मा के अनुसार, देश का कुल चीनी 324 लाख टन होने का इसमें से महाराष्ट्र में 118 लाख टन जबकि उत्तर प्रदेश में 98.5 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है.
शक्कर उत्पादक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे वर्तमान में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध जारी है. इस युद्ध के कारण चीनी का निर्यात रुक गया है. चीनी उत्पादकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से उन्होंने कम कीमतों पर चीनी बेची है. इसके परिणामस्वरूप, होलसेल बाजार में चीनी के दामों में गिरावट आई है. हालांकि, ऐसा अनुमान है कि अप्रैल महीने से चीनी की कीमतें फिर से बढ़ना शुरू हो जाएंगी. - मुकेश गोयल, चीनी व्यापारी, मार्केटयार्ड
कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, केटरिंग का व्यवसाय धीमा ऐसी उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही रुक जाएगा. इसके अलावा, यदि आइसक्रीम और कैटरिंग के व्यवसाय में थोड़ी बढ़त होती है, तो चीनी के भाव बढ़ सकते हैं. हमारा मुख्य व्यवसाय कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम और कैटरिंग फिलहाल थोड़ा धीमा पड़ गया है. होटलों की ओर से भी मांग कम है. लेकिन, एक अनुमान है कि 15 मई के बाद कीमतों में थोड़ी वृद्धि होगी. - ईश्वर नहार, चीनी व्यापारी, मार्केटयार्ड
इस साल महाराष्ट्र के पहले नंबर पर आने का अनुमान पुणे के गुलटेकड़ी मार्केटयार्ड में सबसे अधिक चीनी कोल्हापुर जिले से आती है. इसके बाद अकलूज और बारामती से चीनी की आवक होती है.इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने अनुमान जताया है कि इस साल चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़कर पहले नंबर पर आ सकता है. इस्मा के अनुसार, इस सीजन में देश का कुल चीनी उत्पादन 324 लाख टन होने का अनुमान है, जिसमें से 118 लाख टन महाराष्ट्र में और 98.5 लाख टन उत्तर प्रदेश में उत्पादन होगा. यदि बाजार में प्रचुर स्टॉक और निर्यात बंद रहने की स्थिति बनी रहती है, तो चीनी की कीमतें कम हो सकती हैं. ऐसी परिस्थिति में, अगले साल चीनी मिलों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है.