पुणे, 26 मार्च (आ.प्र.) चैत्र शुद्ध नवमी अर्थात रामनवमी का शुभ दिन....मठ- मंदिरों में राम जन्मोत्सव का उत्साह से किया गया आयोजन... श्रीराम जन्मोत्सव के कीर्तन के बाद दोपहर 12ः 30 से 1240ः के दरम्यान गुरूवार (26 मार्च ) श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया....महिलाओं द्वारा गाया हुआ गीत....-‘कुलभूषणा दशरथ नंदना, बाला जो जो रे'... तद्पश्चात सामुहिक स्वरूप में श्रीराम की आरती उतारी गई और लोगों को सुंठवडा, लड्डू, पेढे, बतासे, खरबूज, तरबूज का प्रसाद बांटा गया और शीतपेय भी दिया गया. पुणे शहर में श्रीराम नवमी का उत्सव बडे धूमधाम से हर वर्ष मनाया जाता है. इस वर्ष भी विविध श्रीराम मंदिरों में और मठों में भी श्रीराम जन्मोत्सव का आयोजन किया गया था. सुबह श्रीराम, लक्ष्मण और सीता की मूर्ति पर अभिषेक किया गया और मूर्तियों को भरजरी वस्त्र और अलंकार(आभूषण) पहनाए गए. खासकर साखर गाठी भी चैत्र नवमी के मुहूर्त पर मूर्तियों को पहनाई गई. जन्मोत्सव के कीर्तन का आयोजन श्रीराम मंदिरों मे किया गया था. मठ-मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया गया था. पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार और धार्मिक अनुष्ठानेोंं के साथ मठ-मंदिरों में आयोजित किया गया था. मध्यवर्ती पेठ एरिया में पेशवाकाल से प्रसिद्ध तुलसीबाग राम मंदिर में तो सुबह से ही पुणेवासियों की उपस्थिति बहुत ही बडी संख्या में थी. गोंदवलेकर महाराज मठ ( शनिवार पेठ), राहलकर राम मंदिर, सदावर्ते राम मंदिर, पुणे विद्यार्थी गृह का राममंदिर, गाडगील राममंदिर, दांडेकर राम मंदिर, काटे राम मंदिर, भाजीराम राम मंदिर ( सदाशिव पेठ) चव्हाण राम मंदिर(कसबा पेठ) ऐसे विभिन्न पेठ एरिया में स्थित और उपनगरों में स्थित श्रीराम मंदिरों में श्रीरामनवमी उत्सव बडी प्रसन्नता से और उत्साह भरे वातावरण में मनाया गया. श्रीरामजी के मूर्ति के दर्शन के लिए राजनेता, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ कार्यकर्ताओं का जमावडा हर जगहों पर दिखाई दिया. जय श्रीराम, जय जय श्रीराम, श्रीराम जय राम जय जय राम के नारों से मठ- मंदिरों का परिसर गूंज उठा था. छोटे बच्चों सहित वरिष्ठ नागरिक भी इस उत्सव में पारंपारिक वेशभूषा में शामिल हुए थे. हर एक की जबान पर श्रीराम का ही नाम था. शहनाई और बैंड की धून और ढोल-ताशा की गूंज दिन भर सुनाई दी. शाम को कई जगहों पर जुलूस का भी आयोजन किया गया था. जन्मोत्सव के बाद दिनभर रामनाम के जाप का भी आयोजन किया गया था. दर्शन के लिए लोगों की भीड विभिन्न मंदिरों में दिन भर थी. श्री रामजी संस्थान तुलसीबाग द्वारा आयोजित उत्सव का 265वां वर्ष था. संस्था के कार्यकारी ट्रस्टी डॉ. रामचंद्र तुलसीबागवाले और ट्रस्टी भरत तुलसीबागवाले, रामदास तुलसीबागवाले, श्रीपाद तुलसीबागवाले और कोटेेशर तुलसीबागवाले समेत तुलसीबागवाले परिवार ने इस उत्सव का आयोजन किया है. इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग दर्शन के लिए मंदिर आए. महापौर मंजूषा नागपुरे, नगरसेविका स्वरदा बापट, नगरसेविका स्वप्नाली पंडित, नगरसेवक राघवेंद्र मानकर, नगरसेवक कुणाल तिलक ने मंदिर में उपस्थित रह कर श्रीरामजी के दर्शन किए. श्रीराम मंदिर में सुबह श्रीराम की मुख्य पूजा की गई. सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में श्रीराम के वस्त्रों की शोभायात्रा निकाली गई. दर्शनबुवा वझे ने श्रीराम जन्म का कीर्तन किया. उसके बाद दोपहर 12.40 बजे श्रीराम जन्म का मुख्य समारोह मनाया गया. श्रीराम के जन्म के बाद दिए जाने वाले श्रीराम के पागोटा के वस्त्र का प्रसाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित हुए. शाम को श्रीराम की छवि की शोभायात्रा निकाली गई. चौराहे पर पुणे के लोगों ने फूलों की बारिश कर जुलूस का स्वागत किया. डॉ. रामचंद्र तुलसीबागवाले ने कहा, पुणे प्रांत के सरसुभेदार श्रीमंत नारो अप्पाजी तुलसीबागवाले द्वारा 1761 में स्थापित इस सुंदर श्रीराम मंदिर में हर वर्ष श्रीरामनवमी को श्रीराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है.उत्सव के दौरान शनिवार, 28 मार्च को सुबह 7 बजे श्री राम राज्याभिषेक समारोह होगा. इसमें दर्शन बुवा वाझे कीर्तन करेंगे और सभी तुलसीबागवाले परिवार के सदस्यों द्वारा श्रीराम राज्याभिषेक समारोह का कार्यक्रम होगा. कसबा पेठ में चव्हाण श्रीराम मंदिर में अंजलि कऱ्हाडकर ने जन्मोत्सव के कीर्तन की सेवा प्रस्तुत की. डॉ.अनघा धायगुडे, प्रणव तडवलकर, विद्या यंदे, तनुजा चव्हाण ने भक्तिपूर्ण गीत प्रस्तुत किए. चव्हाण परिवार, श्रीराम अभिमन्यु मंडल, चक्रवर्ती अशोक मंडल ट्रस्ट द्वारा जन्मोत्सव का आयोजन किया गया. नागरिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया था. कोंढवा खुर्द में श्री संकट हरण महादेव मंदिर के प्रांगण में श्रीराम दरबार आयोजित किया गया. फूलों से परिसर सजाया गया था. पवन बन्सल और सुनीता बन्सल ने अपने पोते मास्टर सरस बन्सल की स्मृति में श्रीराम दरबार की स्थापना की है. पवन बन्सल, सुनीता बन्सल, पवन चमेडिया, गुंजन तवाल, नरेंद्र गोयल, प्रेमचंद मित्तल, सतीश अग्रवाल, योगेश जैन, गीता गोयल, विक्रम बन्सल, रूचि नरेंद्र गोयल, पूर्व नगरसेवक तानाजी लोणकर शामिल हुए थे. हजारों नागरिकों ने महाप्रसाद ग्रहण किया. पवन बन्सल ने कहा कि, श्रीराम दरबार के माध्यम से जनता का आशीर्वाद हमें मिल रहा है. सुनीता बन्सल ने कहां कि, हमारे पोता सरस बंसल की याद में श्रीराम दरबार की स्थापना की गई और इस माध्यम से हर साल श्रीराम भक्तों की सेवा करने का अवसर हमें प्राप्त होता है.