भारत मर्चेंट्स चेंबर के अध्यक्ष मनाेज जालान ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण काे भेजे एक ज्ञापन में बचत खाताें और फिक्स्ड डिपाॅजिट पर मासिक ब्याज देने की जाेरदार मांग की है.उन्हाेंने इस बात पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जब बैंक पर्सनल लाेन, व्यापारिक लाेन तथा अन्य किसी भी प्रकार के कर्ज पर मासिक ब्याज वसूलते हैं, ताे फिक्स्ड डिपाॅजिट पर त्रैमासिक ब्याज क्याें दिया जाता है? उन्हाेंने आगे स्पष्ट किया कि कई ऐसे परिवार हैं.जिनका घर खर्च केवल बैंक डिपाॅजिट से मिलने वाले ब्याज पर ही चलता है. ऐसे में डिपाॅजिटराें काे फिक्स्ड डिपाॅजिट पर मासिक ब्याज मिलने की सुविधा दी जानी चाहिए.
चेंबर अध्यक्ष मनाेज जालान ने यह भी मांग की कि बैंकाें में जमा धनराशि पर वर्तमान में पांच लाख रुपये तक का बीमा मिलता है, जाे कि बैंकाें की स्थिति काे देखते हुए काफी कम है. इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाना चाहिए.बैंकाें के कमजाेर हाेने या डूबने की स्थिति में जमाकर्ताओं काे 20 लाख रुपये तक का बीमा मिलना अत्यंत आवश्यक है, जिससे ग्राहकाें में सुरक्षा की भावना विकसित हाे सके.उन्हाेंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2020 में बैंक डिपाॅजिट पर पांच लाख रुपये तक का बीमा लागू किया था, लेकिन अब इसे बढ़ाने का समय आ गया है. इस संबंध में चेंबर ने रिजर्व बैंक काे भी पत्र लिखा है.