अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एनर्जी ठिकानाें पर हमले काे 10 दिनाें के लिए राेक दिया है. ट्रंप ने कहा-बातचीत जारी है. ईरान की ताकत खत्म हाे गई है. अब वह केवल गीदड़ भभकी दे रहा है.अमेरिका काे मुंहताेड़ जवाब देने ईरान ने 10 लाख सैनिक तैनात किए हैं. इसके अलावा सेना में भर्ती की रफ्तार भी बढ़ा दी है. कुवैत के पाेर्ट पर भी हमले किए गए. इजराइल द्वारा भी रुक-रुक कर हमले जारीे है. ट्रंप ने दावा किया कि यह तेहरान के अनुराेध पर किया गया है और बातचीत बहुत अच्छी चल रही है. वहीं दूसरी ओर ईरान ने इजराइल पर 83वीं बार मिसाइल हमला किया. इस बार मिसाइलाें पर थैंक्यू इंडिया लिखकर भेजा गया.इसके पहले डाेनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानाें पर हमले की धमकी दी थी, जिसे उन्हाेंने खुद ही 5 दिनाें के लिए राेक दिया था. ट्रंप ने ट्रुथ साेशल पर लिखा, ‘ईरानी सरकार के अनुराेध पर मैं ऊर्जा प्लांट काे नष्ट करने की कार्रवाई काे 10 दिनाें के लिए यानी साेमवार 6 अप्रैल काे पूर्वी समय रात 8 बजे तक के लिए राेक रहा हूं्.
ट्रंप ने ईरान और वाॅशिंगटन के बीच बातचीत में प्रगति का संकेत दिया.उन्हाेंने लिखा, बातचीत जारी है और फेक न्यूज मीडिया और अन्य लाेगाें के इसके विपरीत बयानाें के बावजूद यह बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है.यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की डेडलाइन काे बढ़ाया है. पिछले शनिवार काे ट्रंप ने हाेर्मुज जलडमरूमध्य काे तेल टैंकराें के खाेलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था. ेसा न करने पर ईरान के पाॅवर प्लांट काे नष्ट करने की धमकी दी थी. लेकिन एक दिन बात ट्रंप ने बातचीत का हवाला देते हुए इसे 5 दिन के लिए टाल दिया था. अब इसे फिर से 10 दिनाें के लिए बढ़ा दिया गया है. हालांकि, यह साफ नहीं है कि 10 दिनाें तक ऊर्जा ढांचे पर हमले राेकने का फैसला एक व्यापक संघर्ष विराम का रूप लेगा या फिर यह केवल एक अस्थायी उपाय हाेगा जाे कुछ दिनाें के लिए तनाव कम करेगा. लेकिन इस विराम से कूटनीति के लिए जगह मिल सकती है.
इसके पहले ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकाॅफ ने एक कैबिनेट बैठक में बताया था कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है. विटकाॅफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की कि वाॅशिंगटन ने पाकिस्तानी अधिकारियाें के माध्यम से तेहरान काे 15 पाॅइंट एक्शन लिस्ट दी थी.डाेनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार काे व्हाइट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक के दाैरान कहा कि ईरान ने अमेरिककाे एक मबहुत कीमती ताेहफाफ दिया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम हाेर्मुज जलसन्धि से 10 तेल टैंकराें काे गुजरने की अनुमति दी. उन्हाेंने बताया कि शुरुआत में ईरान केवल आठ टैंकराें काे पार कराने के लिए तैयार था, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन टैंकराें में कुछ पर पाकिस्तान का झंडा लगा हुआ था.