डॉ. नीरज आडकर
मांसपेशियां व हड्डियों के दर्द में उनकी गंभीरता के अनुसार इलाज किया जाता है. इसमें सर्जरी एक महत्वपूर्ण उपाय होता है. पेशेंट को जल्दी ठीक होने और उसकी रोजमर्रा की जिंदगी पहले जैसी आसान करने में फिजियोथेरेपिस्ट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से पेशेंट जल्दी ठीक हो सकता है. इस बारे में पूछे गए प्रश्नों के विस्तार से उत्तर देकर पुणे स्थित साईश्री विटालाइफ के संचालक और स्पोर्ट्स इंजुरी विशेषज्ञ डॉ. नीरज आडकर ने शंकाओं का समाधान किया.
सवाल : टक्सप्लास्टी क्या है और यह टोटल नी रिप्लेसमेंट से कैसे अलग है?
जवाब : टक्सप्लास्टी ‘पार्शियल नी रिप्लेसमेंट' का दूसरा नाम है. यह सर्जरी तब की जाती है जब घुटने का सिर्फ एक हिस्सा डैमेज या घिस गया हो, न कि पूरा घुटना. इस तरह की सर्जरी आर्थराइटिस की वजह से घुटने की दिक्कतों के लिए फायदेमंद होती है. टोटल नी रिप्लेसमेंट में, घुटने के तीनों हिस्से बदले जाते हैं, लेकिन टक्सप्लास्टी में, सिर्फ डैमेज हिस्से को बदला जाता है और वहां मेटल या प्लास्टिक के हिस्से लगाए जाते हैं. कम हड्डी और टिशू निकाले जाते हैं, जिसका मतलब है कि नैचुरल लिगामेंट्स को चोट नहीं लगती, मरीज को कम दर्द होता है, चलना फिर से अयादा नैचुरल लगता है, और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है.
सवाल : टक्सप्लास्टी में घुटने के किस हिस्से की मरम्मत की जाती है और इसे ‘पार्शियल' नी रिप्लेसमेंट क्यों कहा जाता है?
जवाब : घुटने के तीन मुख्य हिस्से होते हैं: अंदर का हिस्सा (मीडियल - दूसरे घुटने के पास), बाहर का हिस्सा (लेटरल - बाहर का हिस्सा), और सामने का हिस्सा जहां नीकैप फिट होता है (पेटेलोफेमोरल - वह हिस्सा जहां नीकैप फिट होता है). अयादातर, टूट-फूट अंदर के हिस्से से शुरू होती है. टक्सप्लास्टी में, सिर्फ इसी खराब हिस्से का इलाज किया जाता है और बाकी घुटने, हड्डियों और लिगामेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ता है. इसीलिए इसे 'पार्शियल' नी रिप्लेसमेंट कहा जाता है, जिसमें घुटने का नैचुरल मूवमेंट और स्टेबिलिटी बनी रहती है, टोटल नी रिप्लेसमेंट के मुकाबले अयादा.
सवाल : कौन से मरीज इस ऑपरेशन के लिए सही हैं? क्या उम्र या चलने-फिरने की कोई बात है?
जवाब : यह ऑपरेशन उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिनके आर्थराइटिस वाले घुटने का सिर्फ एक हिस्सा खराब है. टक्सप्लास्टी उन मरीजों के लिए सही है जिनके घुटने के लिगामेंट्स मजबूत हैं, फिर भी वे अपने घुटने को ठीक से हिला सकते हैं, जिनकी सेहत अच्छी है, और जिनका वजन अयादा नहीं है.
सवाल : टोटल नी रिप्लेसमेंट के मुकाबले टक्सप्लास्टी के मुख्य फायदे क्या हैं?
जवाब : कुछ जशरी फायदे : छोटा चीरा - घाव जल्दी भरता है ऑपरेशन के बाद कम दर्द - कम परेशानी हॉस्पिटल में कम समय रहना - कुछ मरीज उसी दिन घर जा सकते हैं रोजमर्रा की जिंदगी में जल्दी वापसी - मरीज कुछ हरतों में नॉर्मल हो सकता है. घुटने का नैचुरल मूवमेंट - घुटने का हेल्दी हिस्सा सुरक्षित रहता है. कम रिस्क - ब्लड क्लॉटिंग या इन्फेक्शन का रिस्क कम होता है. टोटल नी रिप्लेसमेंट जशरत पड़ने पर किया जा सकता है. टक्सप्लास्टी उन मरीजों के लिए एक बढ़िया ऑपरेशन है जो जल्दी ठीक हो सकते हैं और ऐसा चाहते हैं.
सवाल : इस ऑपरेशन में कितना समय लगता है और हॉस्पिटल में कितने समय तक रहना पड़ता है?
जवाब : इस ऑपरेशन में लगभग 2 से 2.5 घंटे लगते हैं. अयादातर मरीज ऑपरेशन के कुछ घंटों के अंदर चल सकते हैं. अयादातर मरीजों को अगले दिन हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाती है. शुरुआत में 'वॉकर' की मदद से और बाद में फिजियोथेरेपी की मदद से, मरीज खुद चलना शुरू कर देता है, अपना ख्याल रखता है.
सवाल : ऑपरेशन के बाद रिकवरी प्रोसेस कैसा होता है ?
जवाब : टक्सप्लास्टी के बाद रिकवरी आसान और तेज होती है. क्योंकि यह ऑपरेशन टोटल नी रिप्लेसमेंट से छोटा होता है, इसलिए मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और उसका नैचुरल घुटना सुरक्षित रहता है. ऑपरेशन के तुरंत बाद मूवमेंट शुरू कर दिया जाता है. इसमें फिजियोथेरेपी (एक्सरसाइज) बहुत जशरी है, जिससे घुटने की ताकत, स्टेबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है. थेरेपी तुरंत शुरू की जाती है और दोनों घुटनों का बैलेंस ठीक हो जाता है. धीरे-धीरे, मरीज चल सकता है, सीढ़ियां चढ़ सकता है, गाड़ी चला सकता है और हल्की एक्सरसाइज कर सकता है. पूरी तरह ठीक होने में लगने वाला समय व्यक्ति की सेहत, उसकी थेरेपी और कोशिश की प्लानिंग और एक्सरसाइज पर निर्भर करता है, लेकिन टोटल नी रिप्लेसमेंट के मुकाबले मरीज जल्दी ठीक हो जाता है.