पिंपरी-चिंचवड़ मनपा की सीमा में आने वाले जिन डेवलपर्स ने फ्लैट मालिकाें काे कब्जा देने से पहले पानी की आपूर्ति की ज़िम्मेदारी लेने की लिखित अंडरटेकिंग दी है, उन्हें उस ज़िम्मेदारी काे सख्ती से पूरा करना ज़रूरी है. अगर ज़रूरी ज़िम्मेदारी काे नज़रअंदाज़ किया जाता है या साेसायटियाें पर पानी की आपूर्ति का गलत रूपयाें का बाेझ डाला जाता है, ताे मनपा संबंधित लाेगाें के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी, मनपा कमिश्नर डाॅ. विजय सूर्यवंशी ने स्पष्ट ताैर पर चेतावनी दी.पानी की आपूर्ति काे लेकर मुंबई हाईकाेर्ट में 10 अप्रैल, 2023 की जनहित याचिका के अनुसार बनाई गई समिति की बैठक हाल ही में हुई. वे इस माैके पर बाेल रहे थे.पुणे के विभागीय आयुक्त डाॅ.चंद्रकांत पुलकुंडवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मनपा के अतिरिक्त आयुक्त विक्रांत बगाड़े, सह शहर इंजीनियर अजय सूर्यवंशी, कार्यकारी इंजीनियर महेश बारिदे और पुणे मनपा और पीएमआरडीए के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
बैठक के दाैरान, पिंपरी चिंचवड़ और पुणे मनपा इलाकाें में अलगअलग हाउसिंग साेसायटियाें में पानी की कमी की समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई. इस समय यह बताया गया कि भामा-आसखेड़, आंद्रा जलापूर्ति याेजना समेत कुछ ज़रूरी जलापूर्ति परियाेजनाओं का काम अभी भी अधूरा हाेने की वजह से अभी सभी इलाकाें में 100% पानी की आपूर्ति करना मुमकिन नहीं है.इस समय पुणे के विभागीय आयुक्त ने कहा कि फ्लैट का कब्जा देने से पहले, डेवलपर्स से उनके अपने खर्च पर पानी की सप्लाई के बारे में लिए गए लिखित आश्वासन का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. जिन मामलाें में डेवलपर्स इस ज़िम्मेदारी से बचते हैं या इसका खर्च साेसायटियाें पर डालते हैं, उन मामलाें में संबंधित मनपा काे कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. बैठक में डेवलपर्स द्वारा जमा किए गए सभी मंजूर नाे-ऑब्जेक्शन प्रमाणपत्र और गारंटी काे मनपा की वेबसाइट पर प्रकाशित करने और नागरिकाें काे यह जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई कि उनकी साेसायटी संबंधित याेजना में शामिल है या नहीं.