उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे काे दाे महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले में सियासत और न्याय की मांग तेज है.नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा वीआईपी हवाई यात्रा की सुरक्षा के लिए जारी किए गए नए दिशानिर्देशाें पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक राेहित पवार ने तीखा हमला बाेला है. उन्हाेंने स्पष्ट किया कि जब तक दाेषी कंपनी और अधिकारियाें पर कठाेर कार्रवाई नहीं हाेती, तब तक ये नए नियम केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएंगे.राेहित पवार ने साेशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 28 जनवरी काे बारामती में हुई दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पाेल खाेल दी है.उन्हाेंने वीएसआर एयरलाइंस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग दाेहराई्. राेहित पवार के अनुसार, अगर डीजीसीए संबंधित एयरलाइंस और उत्तरदायी प्रबंधकाें कखिलाफ कार्रवाई नहीं करता, ताे इन नए दिशानिर्देशाें का काेई मतलब नहीं है.
यह केवल जनता काे यह दिखाने का प्रयास है कि विभाग कुछ कर रहा है.विधायक ने तुलना करते हुए कहा कि 2026 के ये दिशानिर्देश 2014 (वाई.एस. राजशेखर रेड्डी हादसे के बाद) के नियमाें में किए गए मामूली बदलाव मात्र हैं. उन्हाेंने आराेप लगाया कि अधिकारियाें और एयरलाइंस के आपसी हिताें के कारण पुराने नियमाें का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते अजीत दादा जैसे जननेता काे अपनी जान गंवानी पड़ी. उन्हाेंने मांग की है कि नियमाें का उल्लंघन करने वाली कंपनी का नेशनल सर्विस प्राेवाइडर (एनएसओपी) लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाना चाहिए्.हादसे के दाे महीने पूरे हाेने पर भावुक हाेते हुए राेहित पवार ने संकल्प किया कि वे इस मामले काे तार्किक परिणति तक लेकर जाएंगे. उन्हाेंने कहा, दादा, आपकी बहुत याद आती है.