घरेलू और औद्याेगिक गैस आपूर्ति में संतुलन से राहत मिलेगी

अर्थव्यवस्था का चक्र और अन्य गतिविधियां सुचारु रूप से चलनी जरूरी : सरकार की सराहना करते हुए सुप्रसिद्ध उद्यमी नरेंद्र गोयल ने कहा

    30-Mar-2026
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पुणे, 29 मार्च (स्वप्निल बापट) -

यद्यपि हम इस बात से अत्यंत प्रसन्न हैं कि सरकार ने घरेलू क्षेत्र में एलपीजी गैस वितरण की समस्या को बहुत कुशलता से संभाला है. लेकिन हमारा सुझाव है कि कुछ प्रतिशत कोटा निर्धारित करके उद्योगों को भी गैस की आपूर्ति की जानी चाहिए. सरकार से हमारा यही विनम्र निवेदन है कि उद्योगों का संचालन भी जारी रखा जाए, ताकि अर्थव्यवस्था का चक्र और अन्य सभी गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें. सरकार को घरेलू और औद्योगिक आपूर्ति में संतुलन रखना चाहिए, क्योंकि उद्योगों का चलना भी जरूरी है. इन शब्दों में सुप्रसिद्ध उद्यमी नरेंद्र गोयल ने दै. आज का आनंद के विशेष प्रतिनिधि स्वप्निल बापट के साथ बातचीत में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं.ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की पृष्ठभूमि में उत्पन्न एलपीजी गैस संकट पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए नरेंद्र गोयल ने औद्योगिक आपूर्ति को भी राहत देने की अपेक्षा व्यक्त की है. प्रस्तुत हैं उनके साक्षात्कार के संपादित अंश.  

सवाल-एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने से आपकी कंपनी और प्लांट पर क्या असर हुआ है?
जवाब-
हमारी कंपनी में शीट मेटल प्रोसेसिंग के बाद उस पर पाउडर कोटिंग करनी होती है, जिससे एक निश्चित रंग में कैनोपी तैयार की जाती है. जेनसेट इसी कैनोपी के अंदर लगाया जाता है. इस कारण पाउडर कोटिंग अनिवार्य होती है.हमारा यह एक बड़ा पाउडर कोटिंग प्लांट है, जहां एक बड़ा ओवन होता है. इसमें पाउडर कोटिंग के बाद शीट्स को बेक किया जाता है. यह एलपीजी आधारित प्लांट है, जिसमें 450 लीटर के बड़े औद्योगिक सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है. खेड़ शिवापुर स्थित हमारे प्लांट में पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा नहीं है, इसलिए हम गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं. यह ओवन बहुत बड़ा है और इसे गर्म करने में ही लगभग आधा से तीन-चौथाई सिलेंडर लग जाता है. एक बार गर्म होने के बाद लंबा उत्पादन करना पड़ता है. इस प्रक्रिया में तापमान 1000 डिग्री बनाए रखना पड़ता है. गैस की कमी के कारण पिछले 15 दिनों से हम पाउडर कोटिंग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है.

सवाल-इस प्लांट में की जाने वाली पाउडर कोटिंग का उपयोग कहां होता है?
जवाब-
आजकल हर जेनरेटर के लिए यह अनिवार्य है कि उसका शोर 75 डीबी से अधिक न हो, जो कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानक है. इसलिए इंजन और अल्टरनेटर को पूरी तरह बंद कैनोपी में रखा जाता है. हर एन्क्लोजर पर पाउडर कोटिंग करना जरूरी होता है. जेनसेट का रंग भी इसी पाउडर कोटिंग से आता है. गैस नहीं मिलने के कारण यह पूरा काम बंद है, क्योंकि पाउडर कोटिंग के बिना जेनसेट तैयार नहीं हो सकता.

सवाल-प्रोडक्शन लाइन में क्या समस्याएं आ रही हैं?
जवाब-
मार्च महीना किसी भी कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. इस समय उत्पादन, टर्नओवर, बिलिंग और ग्राहक आपूर्ति जैसे सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं. हमारे रोबोट, जो विदेश भेजे जाते हैं, उनकी आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है. पार्किंग कंपनी के ऑर्डर भी समय पर पूरे करना मुश्किल हो रहा है. कुल मिलाकर कंपनी का काम प्रभावित हुआ है.

सवाल-ऐसी स्थिति में आप सरकार से क्या अपेक्षा रखते हैं?
जवाब-
मेरी सरकार से विनती है कि इस संकट का जल्द समाधान किया जाए. इतने बड़े प्लांट को गैस के बिना चलाना कठिन है. यहां कई कर्मचारी काम करते हैं और काम रुकने से वे भी प्रभावित होते हैं. आर्थिक नुकसान भी हो रहा है.इसलिए हमारी अपेक्षा है कि एलपीजी सिलेंडरों की औद्योगिक आपूर्ति जल्द से जल्द फिर से सुचारु की जाए, ताकि हम उत्पादन शुरू कर सकें और बाजार में किए गए अपने वादों को पूरा कर सकें.

सवाल- एलपीजी आपूर्ति की समस्या अचानक आई है. क्या इसके विकल्प तलाशे जा रहे हैं?
जवाब-
हमने इलेक्ट्रिक इंडक्शन के विकल्प पर विचार किया है. लेकिन यह बड़ा प्लांट है, और इसे इलेक्ट्रिक या डीजल आधारित प्रणाली में बदलने में काफी समय और निवेश लगेगा. इससे लागत भी बढ़ेगी, जिसे ग्राहकों पर डालना आसान नहीं होगा. फिलहाल हम विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन जल्द निर्णय लेना संभव नहीं है.

सवाल-आपके प्लांट में कितने कर्मचारी काम करते हैं और उन्हें क्या कार्य दिया जा रहा है?
जवाब-
फैक्टरी में 200 से अधिक कर्मचारी हैं. फिलहाल पाउडर कोटिंग का काम बंद है, लेकिन उन्हें अन्य कार्य दिए जा रहे हैं. इससे उत्पादकता नहीं मिल रही है. समय पर सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है. आगे चलकर यह स्थिति और कठिन हो सकती है, क्योंकि बड़े प्लांट के कुछ स्थायी खर्च भी होते हैं.

सवाल- इस दबाव को कम करने के लिए आप क्या कदम उठा रहे हैं?
जवाब-
आसपास के छोटे पाउडर कोटिंग प्लांट, जो इलेक्ट्रिक आधारित हैं, उनसे कुछ काम कराया जा रहा है. पड़ोसी फैक्ट्रियां भी सहयोग कर रही हैं. हालांकि इससे पूरा काम नहीं हो पा रहा, लेकिन जरूरी ऑर्डर पूरे करने के लिए आउटसोर्सिंग की जा रही है.