अब कंपनियाें के दिवाला मामलाें का काेर्ट के बाहर समाधान हाेगा. लाेकसभा में साेमवार काे दिवाला और शाेधन अक्षमता संहिता (संशाेधन) विधेयक 2025 ध्वनिमत से पारित हाे गया. इस माैके पर निर्मला सीतारमण ने कहा- दिवालियापन के आवेदन पर 14 दिन में फैसला हाेगा. उन्हाेंने कहा- फैसला के डिफाल्टर साबित हाेने के बाद इन्साॅल्वेंसी आवेदन काे सीमित समय में स्वीकारना हाेगा.
एनसीएलएटी में अपील के बाद 3 महीने मेें फैसला आ जाएगा. विस्तार से प्राप्त खबराें के अनुसार विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह विधेयक संकटग्रस्त कंपनियाें के समाधान की प्रक्रिया काे तेज करने के मुख्य उद्देश्य से लाया गया है.उन्हाेंने कहा कि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद कंपनियाें कवाला मामलाें का अदालत के बाहर समाधान किया जा सकेगा.
इससे निवेशकाें का भराेसा बढ़ेगा. उन्हाेंने कहा कि यह विधेयक अगस्त 2025 में लाेक सभा में लाया गया था, तथा इसे प्रवर समिति काे भेज दिया गया था. प्रवर समिति ने गहनता और गंभीरता से विचार करने के बाद 1संशाेधन सुझाए हैं और सभी काे इसमें शामिल कर लिया गया है. इसमें क्रेडिटर काे अधिक अधिकार दिये गये हैं. क्रेडिटर समाधानकर्ता की चयन प्रक्रिया में अपने अधिकाराें का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जा सकेगी और समाधान प्रक्रिया तेज हाेगी.निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस विधेयक में प्रावधान किये गये हैं कि एनसीएलएटी में अपील के बाद तीन महीने के अंदर उसका फैसला आ जाए.उन्हाेंने कहा कि इस संशाेधन विधेयक में बीमार कंपनियाें के समाधान में देरी से बचने के पर्याप्त उपाय किये गये हैं. इसमें कर्मचारियाें के हिताें का पूरा ध्यान रखा गया है. उनकी जितनी देयता है, उसे प्राथमिकता पर रखा जायेगा.
कर्मचारियाें के हिताें से हम बिलकुल समझाैता नहीं करेंगे.वधेयक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमाें का भी पूरा ध्यान रखा गया है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2016 में दिवाला और शाेधन अक्षमता संहिता कानून लाये जाने के बाद से जाे संकटग्रस्त कंपनियाें का समाधान प्रक्रिया से गुजरी हैं, वे बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. बीमार कंपनियाें से बैंकाें का डूबा पैसा निकालने के प्रतिशत में बहुत बढ़ाेतरी हाे गयी है और अब यह 52 प्रतिशत तक पहुंच गया है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंक धाेखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 1105 केसाें की जांच की, जिसमें 64920 कराेड़ की संपत्तियां जब्त कर 150 आराेपियाें काे गिरफ्तार किया गया है. भगाेड़े आर्थिक अपराधी के ख़िलाफ सख्त कार्रवाई की गयी है और ऐसे मामलाें के अपराधियाें के खिलाफ कार्रवाई जारी है.उन्हाेंने कहा कि पर्यावरणीय समस्या काे भी समाधान करने का प्रावधान किया गया है.