‌‘कॅरियर कट्टा' के माध्यम से उद्यमी तैयार करना समय की मांग

एच.वी. देसाई कॉलेज में आयोजित ‌‘विकसित भारत-2047" कार्यशाला में वरिष्ठ उद्यमी डॉ. राजेश शाह ने कहा

    04-Mar-2026
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बुधवार पेठ, 3 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 I AS और IPS अधिकारियों की तरह ही सफल उद्यमी तैयार करने के लिए विशेष प्रयास करना आवश्यक है, ऐसे विचार वरिष्ठ उद्यमी डॉ.राजेश शाह ने व्यक्त किए. वे महाराष्ट्र राज्य उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सहायता केंद्र कॅरियर कट्टा और एच.वी. देसाई कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विकसित भारत-2047 एकदिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे. एच.वी. देसाई कॉलेज में आयोजित इस कार्यशाला का विषय महाराष्ट्र के आर्थिक विकास में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा की भूमिका था. कार्यक्रम में यशदा के उप महानिदेशक राजीव नंदकर और बीएमसीसी कॉलेज के उप-प्राचार्य डॉ. प्रशांत साठे उपस्थित थे. कार्यशाला का उद्घाटन द पूना गुजराती केलवणी मंडल के चेयरमैन डॉ. राजेश शाह के हाथों संपन्न हुआ. शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाने में सक्रिय भागीदारी के लिए एच.वी. देसाई कॉलेज को पुरस्कृत किया गया, जिसे डॉ. राजेश शाह ने स्वीकार किया. साथ ही द पूना गुजराती केलवणी मंडल के 100 वर्ष पूरे होने पर कॅरियर कट्टा के संस्थापक अध्यक्ष यशवंत शितोले ने डॉ.राजेश शाह को सम्मानित किया. कार्यक्रम के दौरान पुणे शहर और ग्रामीण क्षेत्र के प्राचार्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया. इसमें, डॉ.राजेंद्र गुरव (एच.वी.देसाई कॉलेज) और डॉ.संजय खरात (मॉडर्न कॉलेज, गणेशखिंड) को शहरस्तरीय पुरस्कार दिया गया. वहीं पुणे ग्रामीण में डॉ. महामुनि (शारदाबाई महिला कॉलेज), डॉ. अविनाश जगताप (टी.सी.कॉलेज, बारामती) और डॉ.शिरीष पिंगले (हुतात्मा राजगुरु कॉलेज,राजगुरुनगर) को सम्मानित किया गया. साथ ही पुणे, अहिल्यानगर और नासिक जिले के विभिन्न कॉलेजों को उनके प्रदर्शन के लिए विभागीय पुरस्कारों से नवाजा गया. डॉ. प्रशांत साठे ने विकसित भारत- 2047: आर्थिक विकास में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया. इस कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले पुणे वेिशविद्यालय के प्रबंधन परिषद सदस्य प्राचार्य डॉ. नितिन घोरपड़े भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे. कार्यक्रम का आयोजन यशवंत शितोले और प्राचार्य डॉ. राजेंद्र गुरव के मार्गदर्शन में पुणे विभागीय समन्वयक डॉ. प्रभाकर घोड़के, प्रो. विजया पिसे और प्रो. ऐेशर्या बुरुड द्वारा किया गया.