पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी 372 रु. पर लिस्टेड

    05-Mar-2026
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 मुंबई, 4 मार्च (आ. प्र.)

गिरते शेयर बाजार के बीच पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी का आईपीओ आज स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो गया, लेकिन इसकी एंट्री कुछ खास नहीं रही. 386 रुपये के इश्यू प्राइस वाला यह शेयर बीएसई पर लगभग 3.63 फीसदी डिस्काउंट के साथ 372 रुपये पर लिस्ट हुआ. यानी जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला था, उन्हें पहले ही दिन नुकसान झेलना पड़ा. यह 380 करोड़ रुपये का आईपीओ था, जो 26 फरवरी को बंद हुआ था. कंपनी ने 367 से 386 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था और इश्यू को ऊपरी स्तर यानी 386 रुपये पर फाइनल किया गया. पूरा इश्यू फ्रेश शेयरों के जरिए लाया गया था और शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट हुए. हालांकि सब्सक्रिप्शन के आंकड़े बहुत कमजोर नहीं थे, लेकिन उनमें जबरदस्त मांग भी नहीं दिखी. कुल मिलाकर आईपीओ 1.30 गुना सब्सक्राइब हुआ. रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.37 गुना और एनआईआई कैटेगरी 1.62 गुना भरी. क्यूआईबी ने 1.10 गुना बोली लगाई. कर्मचारियों के हिस्से में जरूर सात गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन आया, जिससे अंदरूनी भरोसा झलकता है. आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 23 फरवरी को एंकर निवेशकों से 170.58 करोड़ रुपये जुटाए थे. करीब 44 लाख से ज्यादा शेयर एंकर निवेशकों को आवंटित किए गए. आम तौर पर एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी से बाजार को भरोसा मिलता है, लेकिन इस बार गिरते बाजार का असर भारी पड़ा. लिस्टिंग दिन पर कमजोर सेंटीमेंट और बाजार की अनिश्चितता ने शेयर को दबाव में रखा. कम्पनी की शुरुआत 2004 में हुई थी और यह रेवा ब्रांड के तहत डायमंड जड़ी ज्वेलरी बेचती है. कंपनी सोने और प्लेटिनम में अंगूठियां, इयररिंग, नेकलेस, पेंडेंट, सॉलिटेयर, चूड़ियां और ब्रेसलेट जैसे कई प्रोडक्ट ऑफर करती है. सितंबर 2025 तक इसके महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के 25 शहरों में 34 स्टोर थे. कंपनी अब आईपीओ से जुटाई गई रकम से 15 नए स्टोर खोलने की तैयारी में है. करीब 286.56 करोड़ रुपये नए स्टोर खोलने में और 35.40 करोड़ रुपये मार्केटिंग पर खर्च किए जाएंगे. वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी की ग्रोथ अच्छी रही है. FY25 में कुल आय 259.11 करोड़ रुपये और मुनाफा 59.47 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से बेहतर है. FY24 में कंपनी की आय 196.24 करोड़ रुपये और मुनाफा 42.41 करोड़ रुपये था. यानी कमाई और प्रॉफिट दोनों में सुधार दिखा है. इसके बावजूद बाजार ने लिस्टिंग के दिन ज्यादा भरोसा नहीं दिखाया. साफ है कि मौजूदा समय में निवेशक सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि पूरे बाजार के माहौल को देखकर फैसला ले रहे हैं.