पुणे/मुंबई, 5 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पुणे और रायगढ़ जिलों में 2100 मेगावॉट क्षमता के पिंपलपाड़ा-सावले उदंचन जल विद्युत प्रकल्प को डेवलप करने के लिए बुधवार (4 मार्च) को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में चैम्बरी पॉवर (ईडीएफ सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की एक ग्रुप कंपनी) के साथ एक सामंजस्यता करार (चजण )पर हस्ताक्षर किए गए. इनकी रही प्रमुख उपस्थिति मुंबई के विधान भवन में आयोजित इस इवेंट में जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, जलसंपदा व आपत्ति व्यवस्थापन मंत्री गिरीश महाजन, जलसंपदा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कपूर, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर, महाराष्ट्र स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी (महाजेनको) के मैनेजिंग डायरेक्टर राधाकृष्णन बी., ईडीएफ सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरिएक सर्वन और अलग-अलग डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी शामिल हुए. प्रकल्प की जानकारी पिंपलपाड़ा-सावले उदंचन जलविद्युत प्रकल्प को पुणे और रायगढ़ जिलों में चैम्बरी पॉवर प्राइवेट लिमिटेड के जरिए डेवलप किया जाएगा. इस प्रकल्प के लिए लगभग 10,217 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है और लगभग 2,500 लोगों के लिए रोजगार निर्माण होगा.
राज्य में अब तक 55 उदंचन जलविद्युत प्रोजेक्ट राज्य में अब तक कुल 55 उदंचन जलविद्युत प्रकल्प से 78,215 मेगावॉट बिजली पैदा होने की उम्मीद है. इसमें लगभग 4.17 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट और 1.28 लाख लोगों के लिए रोजगार निर्माण होगा. इन योजनाओं के अनुसार, राज्य को हर साल इंडस्ट्रियल रेट पर लगभग 1,762 करोड़ रुपये राजस्व और पुन:र्भरण से लगभग 128 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है.
औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा इस एग्रीमेंट में राज्य सरकार की पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) पॉलिसी के तहत 2100 मेगावॉट क्षमता का उदंचन जलविद्युत प्रकल्प बनाने के लिए हस्ताक्षर किए गये हैं. इस प्रकल्प को एनर्जी स्टोरेज और स्टेबल पॉवर सप्लाई पक्का करने के मामले में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है. उम्मीद जताई गई है कि,ऊर्जा क्षेत्र में इस बड़े निवेश से राज्य के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा.