आंतरिक व बाह्य समृद्धि आवश्यक : सुधांशुजी महाराज

गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच में त्रिदिवसीय सत्संग का शुभारंभ करते हुए कहा

    07-Mar-2026
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nhfmh
पुणे, 6 मार्च (आ. प्र.)

महाराष्ट्र की सांस्कृतिक नगरी पुणे स्थित गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच में तीन दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ. महाराष्ट्र राज्य के दूसरे सबसे बड़े शहर में वेिश जागृति मिशन पुणे मंडल द्वारा तीन दिवसीय विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का आयोजन गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच में किया गया है. जिसका उदघाटन वेिश जागृति मिशन के परमाध्यक्ष पूज्य गुरुदेव श्री सुधांशु जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया. इस शुभ अवसर पर मण्डल के प्रधान घनश्याम झवर, महामंत्री विष्णु भगवान अग्रवाल एवं संगठन सचिव रवीन्द्र नाथ द्विवेदी जी उपस्थित रहे तथा पुणे की मेयर मंजूषा दीपक नागपुरे ने सत्संग में आकर पूज्य महाराजश्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया. राष्ट्र के जाने माने आध्यात्मिक गुरु एवं मिशन के कल्पनापुरुष पूज्य आचार्य सुधांशु जी महाराज ने कहा कि घर और जीवन से अशांति को दूर करने के लिए शान्ति की कामना करते रहें और अपना संबंध परमात्मा से जोड़ेकर रखें. संसार की चिंताओं से ऊपर उठकर अपने अंदर की ज्योति से जुड़ जाने वाले व्यक्ति परमात्मा के निकट जाता है और अच्छे अनुभति लेकर जीवनयापन करता है. अपने कर्मों की सुगंध से सुगंधित रहें, आनंदित रहें और खुशहाल जीवन जीएं. चुनौती का सामना करते हुए अपना पूर्ण आनंद, प्रेम, प्रसन्नता को बरकरार बनाएं रखें तथा कुछ भी कर रहे हैं वह कर्म नहीं बल्कि आपका हस्ताक्षर है. इसलिए प्रत्येक कर्म पहचान है. अपने कर्म को दर्शाएं और एक आदर्श स्थापित कर्‌ें‍. उन्होंने कहा कि आंतरिक एवं बाह्य रूप से भी समृद्धि बनाए रखना आवश्यक है. परम श्रद्धेय सदगुरुदेव श्री सुधांशु जी महाराज ने कहा कि अपने हृदय में प्रेम भरें और जीवन को सुदृढ़ बनाएं. जिस व्यक्ति के अंदर नवीनता होती है, वही कुछ नया कर गुजरने का धनी बनता है. वेिश जागृति मिशन पुणे मण्डल के प्रधान घनश्याम झवर जी ने बताया कि कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न होगा तथा रविवार (8 मार्च) को गुरु मंत्र दीक्षा एवं सायंकालीन समारोह के साथ विधिवत संपन्न होगा.