बोरीबेल में ‘लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर' का उद्घाटन 12 मार्च को
छात्रों के शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकास को नया आयाम मिलेगा ः मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम उपस्थित रहेंगे
07-Mar-2026
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पुणे, 6 मार्च (आ.प्र.) पुणे जिले के दौंड तहसील स्थित बोरीबेल में देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल के रूप में स्थापित लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर (एलटीसी) का उद्घाटन गुरुवार, 12 मार्च 2026 को शाम 4 बजे किया जाएगा. यह केंद्र स्वर्गीय उर्मिला वी. कराड की स्मृति में बनाया गया है. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान उपस्थित रहेंगे. समारोह की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष वेशधर्मी प्रो.डॉ. वेिशनाथ दा कराड करेंगे. यह जानकारी युवा शिक्षा विशेषज्ञ, विचारक और एलटीसी के निर्माता डॉ. राहुल वी. कराड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. एलटीसी के उद्घाटन मौके पर पतंजलि योगपीठ के फाउंडर और आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामदेव बाबा और महाराष्ट्र राज्य की डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा अजित पवार स्पेशल गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर मौजूद रहेंगे. साथ ही ले. जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, एवीएसएम) जनरल ऑफिस कमांडिंग इन चीफ सदर्न कमांड और राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्डी रंजन सोढ़ी गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर मौजूद रहेंगे. विधायक श्रीकांत भारतीय, विधायक एड. राहुल कुल, लातूर ग्रामीण के विधायक रमेश कराड, सरपंच नंदकिशार पाचपुते, महाराष्ट्र राज्य ग्राम पंचायत ऑफिसर्स यूनियन के प्रेसिडेंट संजीव निकम और पद्मश्री पोपटराव पवार चीफ गेस्ट के तौर पर उपस्थित रहेंगे. एक मजबूत भारत और दुनिया बनाने के लिए हर युवा को बदलने के मुख्य लक्ष्य के साथ एलटीसी के फाउंडर और एजुकेशन के दूरदर्शी डॉ. राहुल वेिशनाथ कराड ने पुणे जिले के दौंड तहसील के बोरीबेल में 150 एकड़ से ज्यादा एरिया में ये सेंटर्स शुरू किए हैं. यहां स्टूडेंटस के ऑल राउंड डेवलमेंट के साथ-साथ एक ऐसा इकोसिस्टम है जो खुद को खोजनें में मदद करने के लिए एक असली अनुभव देता है. यह कॉन्सेप्ट आत्मा को मिट्टी से जोड़ने के सिद्धांत पर आधारित है. देश का जागरुक नागरिक और पर्यावरण के प्रति दोस्ताना बनने की शिक्षा दी जाएगी. आज के डिजिटल जमाने में, तेज तर्रार लाइफस्टाइल लगातार जानकारी की भागदौड़ और कॉम्पिटिशन के प्रेशर की वजह से यह जागरुकता बढ़ रही है कि युवाओं का नेचर, समाज और अपनी अंतरात्मा से जुडाव कम हो रहा है.