दुबई, 7 मार्च (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई और उसके आसपास के हवाई अड्डों पर उड़ानें अचानक रद्द हो जाने की वजह से एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई. इस रुकावट के कारण हजारों यात्री एयरपोर्ट पर ही फंस गए, जिनके पास न तो रहने का ठिकाना था और न ही आगे जाने का कोई स्पष्ट रास्ता. यात्रियों की इस बेबसी और परेशानी को देखते हुए दुबई के प्रसिद्ध बिजनेसम!न डॉ. धीरज कांतिलाल जैन और बिजनेस वुमन डॉ. ममता धीरज जैन ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की. उन्होंने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाते हुए एक सराहनीय पहल की, ताकि मुसीबत में फंसे इन लोगों को राहत मिल सके. डॉ. धीरज जैन और डॉ. ममता जैन ने अजमान स्थित अपना निजी फार्महाउस यात्रियों के लिए मुफ्त खोल दिया, जहां साफ-सुथरी और आरामदायक रहने की व्यवस्था की गई. वहां भोजन, पानी, गद्दे, कंबल और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. 1दङ केश्रवळपसी के फाउंडर और चेयरमैन तथा ‘जैनम जीविका फाऊंडशन' के संस्थापक डॉ. धीरज जैन एयरपोर्ट से फार्महाउस तक के लिए मुफ्त गाड़ियों और ट्रांसपोर्ट का इंतजाम करवाया, जिससे वे सुरक्षित वहां पहुंच सकें. फार्महाउस पर केवल रहने की ही नहीं, बल्कि यात्रियों के आराम और सेहत का भी पूरा ध्यान रखा गया है. यहां रहने के लिए टेंट लगाए गए हैं और डॉक्टर, योगा इंस्ट्रक्टर, इंटरनेट, प्रोजेक्टर और स्क्रीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं. इसके साथ ही हर सुबह ‘नवकार मंत्र' के पाठ से एक शांतिपूर्ण और सकारात्मक माहौल बनाया जाता है. अपनी इस पहल के बारे में डॉ. धीरज जैन ने कहा है कि, उनका उद्देश्य केवल इंसानियत की सेवा करना है. इस संकट की घड़ी में वे बस यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि, कोई भी यात्री भूखा न सोए और हर किसी को सुरक्षित छत मिल सके. यह पहल दिखाती है कि व्यापार से बढ़कर इंसानियत होती है. अनजान शहर में फंसे यात्रियों के लिए उनका फार्महाउस सिर्फ ठहरने की जगह नहीं, बल्कि उम्मीद और सुकून का घर बन गया है. उनकी इस निःस्वार्थ सेवा सेन केवल हजारों लोगों को मदद मिली, बल्कि समाज के सामने दया और परोपकार की एक नई मिसाल भी कायम हुई है.