मुंबई, 7 मार्च (वि.प्र.) पश्चिम रेलवे अपने नेटवर्क पर बिना टिकट और अनियमित यात्रा को रोकने के लिए निरंतर सघन जाँच अभियान चला रही है. राजस्व संरक्षण और यात्री अनुशासन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में रेलवे के टिकट जाँच विभाग ने अब तक का सराहनीय प्रदर्शन किया है. मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, यह सफलता वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारियों की निगरानी और समर्पित टीमों द्वारा मुंबई उपनगरीय लोकल, मेल/एक्सप्रेस और हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों में की गई प्रभावी कार्यवाही का परिणाम है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 की अवधि के दौरान लगभग 30 लाख बिना टिकट और अनियमित यात्रियों का पता लगाया गया. इसमें बिना बुक किए गए सामान के मामले भी शामिल ह्ैं. इस पूरी कार्यवाही के परिणामस्वरूप पश्चिम रेलवे ने 191 करोड़ रुपये से अधिक की जुर्माना राशि प्राप्त की है. उल्लेखनीय है कि यह संग्रह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 42% अधिक है. अकेले फरवरी 2026 के महीने में ही 3 लाख मामलों से 18.50 करोड़ की वसूली की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% की वृद्धि दर्शाती है. मुंबई उपनगरीय खंड में अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए प्रयासों के बेहतर परिणाम मिले ह्ैं. अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच इस खंड में 10 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनसे 50 करोड़ की वसूली हुई्. अकेले फरवरी माह में यहाँ 87 हजार मामलों से 4.28 करोड़ का जुर्माना वसूला गया.