लाेकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दाैरान गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि देश में नक्सलवाद अब लगभग समाप्त हाे चुका है और आदिवासी इलाकाें में असली न्याय पहुंचा है. उन्हाेंने कहा कि यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि 2014 के बाद केंद्र सरकार की सख्त नीति, सुरक्षा अभियान और विकास याेजनाओं के कारण संभव हुआ है. शाह ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर भी जमकर हमला बाेला. उन्हाेंने साफ कहा कि सरकार ने नक्सलियाें से बातचीत नहीं, बल्कि उन्हें खत्म कर विकास काे आगे बढ़ाने का रास्ता चुना. उन्हाेंने कहा कि जाे हथियार उठाएगा, उसे कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्हाेंने दावा किया कि नक्सलियाें का पूरा केंद्रीय नेतृत्व, पाेलित ब्यूराे और कमेटी अब खत्म हाे चुकी है. कई मारे गए, कई ने सरेंडर किया और कुछ फरार हैं. अमित शाह ने कहा कि रेड काॅरिडाेर के 12 राज्याें और आदिवासी समाज की ओर से वह इस बहस के लिए धन्यवाद देते हैं. उन्हाेंने कहा कि आदिवासी वर्षाें से चाहते थे कि उनकी स्थिति संसद में उठे और पूरी दुनिया सच्चाई जाने, लेकिन उन्हें लंबे समय तक यह माैका नहीं मिला.अब उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची है. संसद में साेमवार काे नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म हाेने से एक दिन पहले हाे रही है.