बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मचने से 9 लाेगाें की माैत हाे गई. इस भगदड़ में 20 से अधिक श्रद्धालु घायल हाे गए.नालंदा स्थित मंदिर में दर्शन हेतु आगे जाने के च्नकर में हादसा हुआ. इससे घटनास्थल पर भारी अफरा-तफरी मच गई. बता दें कि चैत माह का अंतिम मंगलवार हाेने के कारण मंदिर में भारी भीड़ जुटी थी. मृतकाें में 8 महिला एवं एक पुरुष शामिल हैं. मंदिर में सुरक्षा का इंतजाम न हाेने से लाेगाें ने भारी नाराजगी जताई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं प्रधानमंत्री माेदी ने गहरा शाेक जताते हुए मृतकाें के परिजनाें काे 8-8 लाख देने की घाेषणा की है.हादसे के बाद मंदिर और मेला काे बंद करवा दिया गया. हादसे के बाद पटना कमिश्नर काे बिहार शरीफ भेजा गया है. सीएम ने मुख्य सचिव काे जांच के निर्देश दिए हैं. दीपनगर थाने के एसएचओ राजमणि काे सस्पेंड कर दिया गया है. सरकार ने मृतकाें के आश्रिताें काे 6 लाख रुपए मुआवजा देने की घाेषणा की है. वही केंद्र सरकारने 2 लाख के मुआवजे की घाेषणा की है.
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के चलते पटना और आसपास के इलाकाें से भी दर्शन के लिए पहुंचे थे. इस वजह से भीड़ बहुत बढ़ गई. मंदिर परिसर छाेटा था. भीड़ काे कंट्राेल करने के इंतजाम नहीं थे. लाेगाें में पहले दर्शन करने की हाेड़ लग गई. लाेग कतार में लगने की जगह आगे बढ़ने की काेशिश करने लगे. इससे भगदड़ की स्थिति बन गई. कई लाेग भीड़ के नीचे दब गएमाैके पर माैजूद लाेगाें ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस काे पहुंचने में भी देर हुई. महिला भक्ताें ने बताया कि चैत्र महीने का ये आखिरी मंगलवार है. यहां मेला लगा था. भीड़ ज्यादा हाे गई. मंदिर का गर्भगृह भी छाेटा है. लाेग जल्दी-जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की काेशिश में थे. काेई लाइन में लगकर पूजा नहीं करना चाह रहा था. सूत्राें के अनुसार सुरक्षा का काेई इंतजाम नहीं किया गया था. मंदिर के अंदर भारी भीड़ थी. पुलिस का जवान अंदर तैनात नहीं था. भीड़ काे डायवर्ट करने या दाे लाइनाें में बांटने की काेई व्यवस्था नहीं थी. मंदिर के पुजारी ही जल्दी-जल्दी दर्शन कर निकलने काे कह रहे थे. इस बीच एक महिला काे चक्कर आ गया, जिससे वाे वहीं गिर पड़ी.