प्रश्न:ध्यान का विश्वव्यापी प्रचार व प्रसार अत्यंत जरूरी हाे गया है.क्या संन्यास का प्रचार भी उतना ही आवश्यक है?
चिन्मय! ध्यान का प्रचार और प्रसार नहीं करना हाेता. प्रचार और प्रसार से ही ताे सारी बातें झूठी हाे गयी हैं. लाेग ताेते हाे गये हैं. ध्यान का ताे र्सिफ आचार करना हाेता है. प्रचार और प्रसार ताे आचार के पीछे छाया की तरह चलते हैं.मैं तुमसे यह नहीं कहता हूँ कि तुम जाओ और ध्यान का प्रचार कराे, मैं तुमसे कहता हूँजाओ और ध्यान काे जीओ. जाेर जीने पर है.उस जीने में जाे तुम्हें मिलेगा, जाे गंध तुमसे उठेगी, वही अगर प्रचार बन जाए ताे बन जाए, लेकिन चेष्टा से काेई प्रचार नहीं करना है.नहीं ताे अक्सर यह हाे जाता है कि लाेग भूल ही जाते हैं कि ध्यान करना है, ध्यान का प्रचार करने में मजा लेने लगते हैं. असल में प्रचार करना इतना सस्ता और सरल है, ध्यान करना कठिन मालूम हाेता है. यह भूल ही जाते हैं कि अपना ध्यान हुआ या नहीं हुआ. दूसरे काे ज्ञान देने का मजा ऐसा है.
क्याेंकि ज्ञान देने में तुम्हारे अहंकार की बड़ी तृप्ति हाेती है कि देखाे, मैं ज्ञानी और तुम अज्ञानी. जब भी तुम किसीकाे ज्ञान देते हाे, तुम ज्ञानी और वह अज्ञानी.ताे लाेग ध्यान के प्रचार में लग जाते हैं, ध्यान के व्यवहार में नहीं. यह खतरा बहुत बार हाे गया है. कितने ईसाई मिसनरी हैं दुनिया में! दस लाख ईसाई पादरी हैं सारी दुनिया में. ये भूल ही गये कि इनकाे क्राइस्ट हाेना हैं.ये क्राइस्ट के प्रचार में ही लगे हैं. ये भूल ही गये कि क्राइस्ट काे भीतर बुलाना है. ुर्सत कहाँ? समय कहाँ? प्रचार से बचें तब! िफर प्रचार के बड़ेबड़े आयाेजन किये जाते हैं. िफर प्रचार का शास्त्र निर्मित करना हाेता है.मुझे एक बार निमंत्रण मिला एक ईसाई कालेज में, जहाँ वे पादरियाें काे निष्णात करते हैं. जहाँ वे पादरी पुराेहित तैयार करते हैं. उन्हाेंने मुझे धुमाकर दिखाया,मैं देखकर दंग हुआ. वहाँ वे हर चीज सिखाते हैं, छाेटीसेंछाेटी चीज सिखाते हैं.पाश्चात्य ढंग ताे हर चीज के विस्तार में जाता है.
हर चीज काे कुशल बनाता है. ताे मैंने एक कमरे में देखा कि पादरियाें काे सिखाया जा रहा है कि जब वे बाइबिल के इस वचन काे पढ़ें, ताे किस शब्द पर ज्यादा जाेर देना, किस पर कम जाेर देना; किस शब्द काे जाेर से बाेलना, किसकाे धीरे बाेलना, हाथ कब उठाना, मुद्रा कैसी प्रगट करनी. ये भी सिखाया जा रहा है! अगर जीसस के वचन काे बाेलते समय तुम्हरे चेहरे पर प्रकाश नहीं आता, ताे ही सिखाना पड़ेगा यह कि जब जीसस का यह वचन बाेलाे ताे दिखावा करना हप्रचार जब प्रमुख हाे जाए, ताे िफर ये बातें महत्वपूर्ण हाे जाती हैं. िफर लाेगाें काे कैसे ईसाई बनाया जाए, कैसे आर्यसमाजी बनाया जाए, कैसे यह बनाया जाए, कैसे वह बनाया जाए, लाेग इसी चिंता में आतुर हाे जाते हैं. नहीं, तुम ख्याल रखना.जीओ, ध्यान काे जीओ. ध्यान संक्रामक है. अगर तुम ध्यान काे जीओगे ताे तुम अचानक पाओगे कि लाेग तुमसे पूछने लगे तुम्हें क्या हाे गया है. अगर तुम ध्यान काे जीओगे, तुम पाओगे कि लाेगाें केफ पास से गुजरते वक्त लाेग एक क्षण गाैर से तुम्हें देखते हैंतुम्हें क्या हाे गया है? अगर लाेग पूछें, ताे निवेदन कर देना प्रचार नहीं.