राज्य में किसानाें के मुद्दाें और बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने माेर्चा खाेल दिया है. प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में धाराशिव जिले के सूरतगांव से तुलजापुर तक आयाेजित किसान संघर्ष न्याय यात्रा काे भारी जनसमर्थन मिला.इस दाैरान सपकाल ने भाजपा- महायुति सरकार पर तीखा हमला करते हुए सरकार की कर्जमाफी याेजना काे झूठे वादाें का पिटारा करार दिया. तुलजापुर में आयाेजित सभा काे संबाेधित करते हुए सपकाल ने कहा कि फडणवीस सरकार द्वारा घाेषित कर्जमाफी केवल कागजाें तक सीमित है.उन्हाेंने मांग की कि सरकार किसानाें का 7/12 (भूमि रिकाॅर्ड) पूरी तरह से कर्जमुक्त करे और फसलाें काे उचित एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) प्रदान करे. उन्हाेंने आराेप लगाया कि माेदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझाैते से भारतीय खेती और किसान पूरी तरह बर्बाद हाे जाएंगे.
सपकाल ने सरकार पर वैचारिक प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में फडणवीस सरकार संविधान के मूल्याें काे दरकिनार कर गाेलवलकर के बंच ऑफ थाॅट काे थाेपने की साजिश रच रही है.उन्हाेंने कहा कि महाराष्ट्र में तानाशाही का माहाैल बनाया जा रहा है और ज्वलंत मुद्दाें जैसे बेराेजगारी और एलपीजी संकट से ध्यान भटकाया जा रहा है. यात्रा के दाैरान गैस सिलेंडराें से लदे ट्रैक्टर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जाे बढ़ती महंगाई के प्रति विराेध का प्रतीक थे.ढाेंगी बाबा प्रकरण और कानून व्यवस्था पर सवाल नासिक के चर्चित अशाेक खरात प्रकरण पर बाेलते हुए सपकाल ने इसे महाराष्ट्र के लिए शर्मनाक बताया. उन्हाेंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि यदि उन्हें इस मामले की जानकारी 8-9 महीनाें से थी, ताे अब तक कार्रवाई क्याें नहीं हुई? उन्हाेंने मांग की कि इस मामले में केवल इस्तीफाें से काम नहीं चलेगा, बल्कि दाेषी मंत्रियाें और अधिकारियाें पर अंधश्रद्धा विराेधी कानून के तहत कार्रवाई हाेनी चाहिए्.