शिवाजीनगर, 31 मार्च (आ. प्र.) पाली भाषा को केंद्र सरकार द्वारा अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद उसके संरक्षण और प्रसार के लिए पुणे में पहली बार अभिजात पाली भाषा साहित्य सम्मेलनफ आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आया है. इस संबंध में पुणे मनपा से अनुमति और आवश्यक सहयोग देने की मांग की गई है. भाजपा के नगरसेवक और शहर महासचिव रवींद्र सालेगावकर ने मनपा आयुक्त को ज्ञापन देकर यह प्रस्ताव रखा है. अभिजात पाली भाषा साहित्य परिषद संस्था की ओर से इस सम्मेलन के आयोजन की तैयारी शुरू की गई है और इसके लिए मनपा के सहयोग की आवश्यकता होने का उल्लेख निवेदन में किया गया है.केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर 2024 को पालि भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा देने के बाद देशभर में इस भाषा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. इस पृष्ठभूमि में पुणे जैसे शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्र में सम्मेलन आयोजित करने से शोधकर्ताओं, विद्वानों और विद्यार्थियों को मंच मिलेगा, ऐसा वेिशास आयोजकों ने व्यक्त किया है. मनपा द्वारा इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने पर सम्मेलन के आयोजन को गति मिलेगी और पाली भाषा के संरक्षण व प्रसार को बढ़ावा मिलेगा, ऐसी अपेक्षा व्यक्त की जा रही है.