पिंपरी-चिंचवड़ शहर की लाइफलाइन पवना नदी का तल इस समय ‘खेल और खेल के मैदान’ के नाम पर गैर-कानूनी कामाें से भर गया है. चिंचवड़ के आदित्य बिरला हाॅस्पिटल इलाके में नदी के तल में भारी मात्रा में मिट्टी भरकर नदी के तल काे संकरा किया जा रहा है. इससे सैकड़ाें छाेटे- बड़े पेड़ मलबे में दबकर दम ताेड़ रहे हैं.इस गंभीर घटना ने नदी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं और पर्यावरणविद इस पर कड़ा गुस्सा जाहिर कर रहे हैं.पूर्व नगरसेवक मारुति भापकर ने इस संबंध में आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी सशिकायत की है. संबंधित इलाके में खेल का मैदान बनाने के नाम पर पिछले कुछ दिनाें से नदी के तल में पानी भरने और भारी मशीनाें की मदद से मिट्टी डालने का काम चल रहा है.यह तटबंध इस तरह से बनाया जा रहा है जिससे नदी का प्राकृतिक बहाव रुकेगा. खास बात यह है कि नदी किनारे के पेड़ाें काे इस तटबंध के नीचे दबाया जा रहा है. कुछ बड़े पेड़ाें काे गैर-कानूनी तरीके से काट दिया गया है. नदी किनारे की बायाेडायवर्सिटी काे खत्म करने का यह तरीका खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासन ढीला पड़ गया है.