पिंपरी में सिंधी भाषा दिवस उत्साह के साथ मनाया

    11-Apr-2026
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पिंपरी, 10 अप्रैल (आ.प्र.)

 भारतीय सिंधु सभा पिंपरी शाखा ने पिंपरी के हेमू कालानी पार्क में शुक्रवार (10 अप्रैल) को सिंधी भाषा दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अशोक लुल्ला ने कहा कि वर्ष 1966 में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार भारत की राज्यसभा में यह प्रस्ताव रखा था कि सिंधी भाषा को संवैधानिक भाषा का दर्जा दिया जाए और बाद में वर्ष 1997 में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने सिंधी भाषा को संवैधानिक भाषा का दर्जा दिया. साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा-सिंध चला गया, लेकिन सिंधी भाषा रहनी चाहिए. जिसका मतलब है कि यह सिर्फ एक वाक्य नहीं था बल्कि इस समुदाय को नई जमीन देने के बारे में था. साथ ही भारतीय सिंधु सभा पिंपरी शाखा के मनोहर जेठवानी ने कहा कि हम असल में किसान हैं, देश का बंटवारा हुआ और हम तन पर कपड़ा बांधकर यहां आए, जो भी काम और बिजनेस मिला, हमने करना शुरू कर दिया और आज हमारी तीसरी पीढ़ी बहुत पढ़ी-लिखी है. बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री में ऊंचे पदों पर काम कर रही है. इस मौके पर पिंपरी के सिंधी समाज के कई बड़े लोगों, खास तौर पर कन्हैयालाल अचरा, सुशीला आहूजा और किशोर नेबवानी को खास तौर पर सम्मानित किया गया. शुक्रवार को सिंधी भाषा दिवस के साथ-साथ योग स्थापना दिवस भी है, इसलिए पिंपरी में सबसे पहले ग्रुप योग शुरू करने वाले स्व. प्रकाश लाल की तस्वीर की पूजा की गई. पिंपरी के कुछ सिंधी समाज के लोग जो नियमित योग करते हैं, उन्हें भी सम्मानित किया गया. इस मौके पर मनोहर जेठवानी, सुशीला आहूजा, अजित कंजवानी, तुलसीदास तलरेजा, श्रीचंद नागरानी, एंशीराम हरजानी, आत्म प्रकाश मताई, सुरिंदर मंघनानी, सुशील बजाज, मनीष छाबलानी, हरीश छाबलानी, हरीश गंगवानी, ज्योति मूलचंदानी, लक्ष्मी भागचंदानी, पूजा मूलचंदानी, रवीना मिरानी, राम आसवानी, गणेश वाणी और सिंधी समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे.