शहर में आज से दो दिवसीय ‌‘इक्काइन कलेक्टिव‌’ का आयोजन

देश-विदेश से शामिल होंगे विशेषज्ञ; अेश उद्योग की समस्याओं पर की जाएगी चचा

    11-Apr-2026
Total Views |

vsfb
नवी पेठ, 10 अप्रैल (आ.प्र.)

भारत की इक्वाइन इंडस्ट्री अभी बिखरी हुई है और काफी हद तक इसका इस्तेमाल नहीं हुआ है. इसलिए द इक्वेस्ट्रियन फोरम एक मजबूत इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क बनाने, स्टैंडर्ड्स में सुधार करने तथा आर्थिक और खेल क्षमताओं को बढ़ावा देने पर बातचीत शुरू करने पर जोर दे रहा है, ऐसी जानकारी द इक्वेस्ट्रियन कलेक्टिव की संस्थापक और समन्वयक गायत्री राहुल कराड ने गुरुवार (10 अप्रैल) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ.एफ.एफ.वाडिया, जपलुप्पे इक्वेस्ट्रियन पुणे के सह संस्थापक रोहन मोरे, एमआईटी डब्ल्यूपीयूके सीआईएपी के सह निदेशक प्रो. रविशंकर साहू और क्रीडा विभाग के संचालक डॉ. वैभव वाघ उपस्थित थे. एमआइटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाली सहयोगी पहल द इक्वेस्ट्रियन कलेक्टिव द्वारा देश में अेश उद्योग का भविष्य बनाने के लिए पहला राष्ट्रीय द इक्वेस्ट्रियन फोरम सम्मेलन का आयोजन 11 और 12 अप्रैल को पुणे में होने जा रहा है. बताया गया है कि, इक्वेस्ट्रियन फोरम का आयोजन पूनावाला स्टड फार्म्स, नैनोली स्टड फार्म्स और नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉ. एफ. एफ. वाडिया के साथ मिलकर कर रहे है. इस सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी, जिसके लिए दुनियाभर से विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे. इनमें भारतीय इक्वाइन की स्थित पर एक पॉलिसी पर्सपेक्टिव, बीमारी केंट्रोल और मोबिलिटी, युवा घोड़ों और परफॉर्मेंस घोड़ों के लिए फीडिंग स्ट्रेटेजी, देसी घोड़ों का दोबारा इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं. इस सम्मेलन के अंतर्गत 12 अप्रैल को सुबह 9 बजे, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (कोथरुड कैंपस) में घोड़ों के लाइव डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन किया गया है.