आज के समय में घर से कार्य करना एक सामान्य प्रवृत्ति बनती जा रही है. कई लोग अपने आवासीय फ्लैट से ही व्यवसाय या पेशेवर गतिविधियां संचालित करना चाहते हैं. परंतु क्या यह कानूनी रूप से उचित है? किन परिस्थितियों में इसकी अनुमति है और कब यह अवैध हो जाता है इन सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों पर दै. आज का आनंद ने एड. बी.एस.धापटे से बातचीत की. प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-
प्रश्न- क्या आवासीय फ्लैट का व्यावसायिक उपयोग कानूनी रूप से अनुमति योग्य है?
उत्तर- सामान्यतः किसी भी आवासीय फ्लैट का उपयोग केवल रहने (आवासीय उद्देश्य) के लिए ही अनुमति योग्य होता है. भवन निर्माण के समय स्थानीय प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नक्शे में स्पष्ट रूप से यह निर्धारित किया जाता है कि उस इमारत का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाएगा. यदि कोई फ्लैट आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत है, तो उसमें पूर्ण रूप से व्यापारिक गतिविधियां चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है. इस संबंध में सहकारी समिति कानून, नगर नियोजन अधिनियम तथा मनपा के नियम लागू होते हैं. साथ ही, सोसायटी के उपनियम भी बाध्यकारी होते हैं. हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में सीमित स्तर पर छूट दी गई है, जो उपयोग के स्वरूप पर निर्भर करती है.
प्रश्न- क्या वकील, डॉक्टर या अन्य पेशेवर अपने घर से कार्य कर सकते हैं?
उत्तर- हां, न्यायालयों ने कुछ पेशेवरों जैसे वकील, डॉक्टर और लेखा विशेषज्ञों को अपने निवास स्थान से सीमित स्तर पर कार्य करने की अनुमति दी है. इसे पेशेवर उपयोग कहा जाता है, जो व्यावसायिक उपयोग से भिन्न होता है. इस प्रकार के कार्य व्यक्तिगत कौशल पर आधारित होते हैं और इनमें भारी मशीनों या औद्योगिक गतिविधियों का समावेश नहीं होता. परंतु इसके लिए कुछ शर्तें अनिवार्य हैं : ग्राहकों की अधिक भीड़ न हो पड़ोसियों को कोई असुविधा न हो बड़े विज्ञापन बोर्ड न लगाए जाएं भवन की शांति और व्यवस्था बनी रहे यदि इन सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो यह उपयोग अवैध माना जा सकता है.
प्रश्न- किस प्रकार का उपयोग अवैध माना जाता है?
उत्तर- यदि किसी आवासीय फ्लैट में बड़े पैमाने पर व्यापारिक या औद्योगिक गतिविधियां चलाई जाती हैं, तो वह अवैध मानी जाती हैं. जैसे- मशीनों द्वारा उत्पादन कार्य करना अधिक कर्मचारियों के साथ व्यवसाय चलाना ग्राहकों की लगातार भीड़ लगना फ्लैट को गोदाम या भंडारण स्थल बनाना बड़े कोचिंग या ट्यूशन केंद्र संचालित करना ऐसी गतिविधियाँ भवन के मूल स्वरूप को प्रभावित करती हैं और अन्य निवासियों के लिए शोर, भीड़, यातायात और पार्किंग जैसी समस्याएँ उत्पन्न करती हैं. न्यायालयों ने ऐसे दुरुपयोग को स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया है.
प्रश्न- ऐसे अवैध उपयोग के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा सकती है?
उत्तर- यदि किसी फ्लैट का अवैध व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, तो नागरिक निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: प्रथम चरण: संबंधित सहकारी गृहनिर्माण संस्था (सोसायटी) को लिखित शिकायत दें.सोसायटी को नोटिस जारी करने और कार्रवाई करने का अधिकार होता है. द्वितीय चरण: यदि सोसायटी कार्रवाई नहीं करती, तो मनपा या स्थानीय प्राधिकरण में शिकायत की जा सकती है. वे जांच कर दंड या परिसर सील करने जैसी कार्रवाई कर सकते हैं. तृतीय चरण: यदि असुविधा अधिक हो, तो न्यायालय में उपद्रव के आधार पर वाद दायर कर रोक लगाने का आदेश प्राप्त किया जा सकता है.
प्रश्न- व्यवसाय शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर-आवासीय फ्लैट में किसी भी प्रकार का कार्य शुरू करने से पहले निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है- सोसायटी से लिखित अनुमति प्राप्त करें. उपनियमों का अध्ययन करें. मनपा और नगर नियोजन नियमों की जानकारी लें कार्य को सीमित और नियंत्रित रखें. शोर, प्रदूषण या भीड़ से बचें.