पुणे, 11 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कारों और भावनाओं का मिलन होता है. बदलते समय में जहां रिश्तों की परिभाषा और प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं, वहीं समाज में कुछ ऐसे समर्पित लोग भी हैं, जो निस्वार्थ भाव से विवाह संबंधों को जोड़ने और उन्हें सफल बनाने का कार्य कर रहे हैं. ये लोग केवल रिश्ते नहीं जोड़ते, बल्कि वेिशास, समझ और संस्कारों की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं. ऐसे ही कुछ अनुभवी व्यक्तियों से दै.आज का आनंद के लिए प्रो.रेणु अग्रवाल ने बातचीत की. जिन्होंने अपने अनुभव और समर्पण से इस क्षेत्र को एक नई दिशा दी है. प्रस्तुत हैं उनकी बातचीत के प्रमुख अंश-
प्रो. रेणु अग्रवाल (मो. 8830670849)
रिश्तों को जोड़ने से मिलता है सुकून
मेरी उम्र 61 वर्ष है. मेरा जन्म मुंबई में हुआ और विवाह के बाद मैं अकोला में रहने लगी. पिछले 5 वर्षों से मैं इस कार्य को पूरी गंभीरता से कर रही हूं, हालांकि इससे पहले भी थोड़ा- बहुत कार्य करती थी. मुझे इस दिशा में प्रेरणा तब मिली जब मैं अपने बेटे के लिए रिश्ते देख रही थी और संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहे थे. तब मैंने स्वयं इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया. आज यह कार्य न केवल सफलतापूर्वक चल रहा है, बल्कि इससे जुड़े रिश्ते मजबूत संबंधों में बदलते जा रहे हैं. मैंने विवाह पूर्व परामर्श भी शुरू किया है, जो आज के समय में बहुत आवश्यक है. युवाओं को अपनी समस्याओं को समझकर समय रहते सही निर्णय लेना चाहिए. मेरे लिए यह कार्य केवल पेशा नहीं, बल्कि संतोष का माध्यम है. एक सफल रिश्ता जोड़ने और उसे निभते देखना मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है. मैं सभी से निवेदन करती हूं कि बच्चों को बचपन से संस्कार, आत्मनिर्भरता और सही-गलत का ज्ञान अवश्य दें. -एड. प्रेमा कमल गुप्ता, अकोला, मो.9421895345
घर से शुरू होकर समाज सेवा तक का सफर
मैं पहले एक गृहिणी थी, लेकिन आज सामाजिक कार्य के माध्यम से देश-विदेश तक अपनी पहचान बना चुकी हूं. मैंने लॉकडाउन के दौरान विवाह संबंधों के लिए कुछ समूह बनाए, जिससे माता-पिता को घर बैठे रिश्ते ढूंढने में सहायता मिल सके. पिछले 6 वर्षों में यह प्रयास बढ़कर 10 समूहों तक पहुंच गया है. इस कार्य के माध्यम से कई सफल रिश्ते बने और मुझे समाज में एक नई पहचान मिली. मैं विभिन्न लोगों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य करने में वेिशास रखती हूं. मेरे लिए यह केवल एक सेवा नहीं, बल्कि समाज के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का प्रतीक है. मेरा उद्देश्य है कि हर परिवार को एक सुरक्षित और वेिशसनीय मंच मिले, जहां वे अपने बच्चों के लिए सही जीवनसाथी चुन सकें. - सौ. शीतल राजकुमार केडिया, छत्रपति संभाजीनगर, मो.94203 01899
सादा विवाह ही समाज की सच्ची आवश्यकता
मैं पिछले 1112 वर्षों से विवाह संबंधों का कार्य कर रही हूं. मुझे सामाजिक कार्य की प्रेरणा अपने परिवार से मिली और मेरे पति ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. इस कार्य में चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन यदि हम उन्हें बड़ा नहीं मानते, तो हर कार्य सरल हो जाता है.मेरे अनुभव में आज विवाह करवाना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है, क्योंकि अपेक्षाएं बढ़ गई हैं. मैं हर कार्य को सहजता से करने में वेिशास रखती हूं और हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखती हूं.इस मंच के माध्यम से मैं समाज को यही संदेश देना चाहती हूं कि विवाह में अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए. सादगी और समझदारी ही एक सफल विवाह की नींव होती है. - सीमा मनोज अग्रवाल, विमाननगर, मो. 90494 80829
रिश्तों में समझदारी ही सफलता की कुंजी
मैं 17 वर्षों से विवाह संबंधों के कार्य में सक्रिय हूं. विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है. ऐसे में हर सदस्य को समझदारी और धैर्य के साथ संबंध निभाना आवश्यक होता है.आज के समय में विवाह करवाना चुनौतीपूर्ण हो गया है. कई बार लंबी बातचीत और मुलाकातों के बाद भी रिश्ते तय नहीं हो पाते, और तय होने के बाद भी कई बार टूट जाते हैं. इसके बावजूद समाज के कई लोग निस्वार्थ भाव से यह कार्य कर रहे हैं. मेरा मानना है कि बच्चों को बचपन से ही संस्कार, परिवार का महत्व और रिश्तों की समझ दी जानी चाहिए. आधुनिक जीवन में संतुलन बनाना बहुत आवश्यक है, खासकर महिलाओं के लिए घर और कार्य दोनों को संभालना महत्वपूर्ण है. -शशि अग्रवाल, विश्रांतवाड़ी, पुणे, मो.98504 15058
नई शुरुआत के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती
मेरी उम्र 69 वर्ष है और मैं पिछले 5 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हूं. मैंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक सम्मानजनक मंच देने का प्रयास किया है, जहां वे बिना झिझक अपने जीवनसाथी का चयन कर सकें. समाज में अक्सर अकेलेपन को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है. इसी भावना से प्रेरित होकर मैंने यह कार्य शुरू किया. इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती लोगों का वेिशास जीतना और गोपनीयता बनाए रखना है. हम हर जानकारी को सुरक्षित रखते हुए केवल योग्य और गंभीर लोगों से ही साझा करते हैं. मेरा मानना है कि जीवन में खुश रहने और नई शुरुआत करने की कोई उम्र नहीं होती. -जनकराज गुप्ता, हिसार (हरियाणा), मो.92157 05725