पुणे, 11 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 53वीं राष्ट्रीय राज्य स्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी का समापन शुक्रवार को पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, गणेशखिंड के प्रांगण में उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ. 8 से 10 अप्रैल 2026 तक चली इस प्रदर्शनी में देशभर के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से आए 571 बाल वैज्ञानिकों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचार का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम विकसित और आत्मनिर्भर भारत रखी गई थी, जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों ने विज्ञान एवं तकनीक आधारित मॉडल, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं, नवीकरणीय ऊर्जा के नवाचार तथा कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोगी समाधान प्रस्तुत किए. प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा.समापन समारोह के मुख्य अतिथि ए.आर.डी.ई. पुणे के उत्कृष्ट वैज्ञानिक निदेशक एम. वी. रमेश ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान में सफलता के लिए जिज्ञासा, मेहनत और निरंतर अभ्यास अत्यंत आवश्यक है. इस अवसर पर केवीएस मुंबई संभाग के उपायुक्त बी. के. बेहरा और सहायक आयुक्त सुमित मेहरा ने भी विद्यार्थियों को विज्ञान के माध्यम से समाज की समस्याओं का समाधान खोजने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम में यजमान विद्यालय के प्राचार्य अविजीत पंडा सहित विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं निर्णायक मंडल उपस्थित रहे. निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन उनकी रचनात्मकता, उपयोगिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर किया, जिसमें जबलपुर संभाग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. समारोह के दौरान छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसने आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया. यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीखने और भविष्य के वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुई.