हॉर्स सेक्टर काे बढ़ावा देने सरकार संगठनों से करार करेगी

इक्विन कलेक्टिव द्वारा ‌‘द इक्वेस्ट्रियन नेशनल कॉन्फ्रेंस‌’ के उद्घाटन पर पंकजा मुंडे ने कहा

    13-Apr-2026
Total Views |
bfsb

विमाननगर, 12 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

राज्य सरकार हॉर्स सेक्टर के इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग ऑर्गनाइजेशन के साथ सहयोग करने और यूनिवर्सिटी से जुड़ने के लिए तैयार रहेगी. इसके लिए, ऑर्गनाइजेशन के साथ करार करने की घोषणा महाराष्ट्र सरकार की पशु संवर्धन और डेयरी विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने की. वह एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के तहत एक ऑर्गनाइजेशन, द इक्वेस्ट्रियन कलेक्टिव द्वारा आयोजित द इक्वेस्ट्रियन फोरम 2026 के नेशनल-लेवल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर बतौर चीफ गेस्ट के तौर पर बोल रही थीं. इस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर शनिवार (11 अप्रैल) को राज्य के विपणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल प्रमुख अतिथि के तौर पर मौजूद थे. साथ ही द इक्विन कलेक्टिव की संस्थापक गायत्री कराड, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. राहुल वेिशनाथ कराड, कार्यकारी निदेशक डॉ. अदिति राहुल कराड, नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसायटी ऑफ इंडिया के डॉ. एफ. एफ. वाडिया और जयपाल सिंह रावल उपस्थित थे. पंकजा मुंडे ने कहा, इस क्षेत्र में न केवल खेल बल्कि ग्रामीण विकास, पर्यावरण और रोजगार सृजन की भी अपार संभावनाएं हैं. जयकुमार रावल ने कहा, इंसानों और घोड़ों के बीच का रिश्ता भरोसे, अनुशासन और इमोशनल जुड़ाव पर आधारित होता है. हॉर्स ब्रीडिंग, इक्वाइन टूरिज्म, वेटरनरी सर्विस और ट्रेनिंग जैसे एरिया में डेवलपमेंट की बहुत अयादा संभावना है. कार्यक्रम के अंतर्गत ‌‘पॉलिसी और गवर्नें स‌’ पर एक पैनल डिस्कशन ऑर्गनाइज किया गया. मुख्य फोकस इक्वाइन इंडस्ट्री की ‌‘री-ब्रांडिंग‌’ और एम्पॉवरमेंट पर था, जिसमें नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. फारूक वाडिया और चंडीगढ़ के इक्वाइन सर्जन डॉ. अनहद सिद्धू ने वरिष्ठ पत्रकार साइरस मदान के मॉडरेट किए गए सेमिनार में हिस्सा लिया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. रविकुमार साहू ने किया.  
 
अश्वारोही क्षेत्र तीन सौ अरब डॉलर का बनेगा
गायत्री कराड ने कहा, देश में अेशारोही क्षेत्र तीन सौ अरब डॉलर के वैेिशक अेशारोही पारिस्थितिकी तंत्र का एक हिस्सा है. इस क्षेत्र में काम करने वाले जनशक्ति के लिए औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन का अभाव है. डॉ. राहुल वि. कराड ने कहा, द इक्वेस्ट्रियन फोरम जैसे फोरम के जरिए, एमआईटी डब्ल्यूपीयू का मकसद एजुकेशन, एनिमल वेलफेयर, स्पोर्ट्स साइंस और इनोवेशन को जोड़कर भारत के इक्वेस्ट्रियन इको सिस्टमको मजबूत करना है.