नहर का अतिक्रमण हटाने 50 सब इंजीनियराें की नियुक्ति

    14-Apr-2026
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खड़कवासला बांध क्षेत्र तथा फुरसुंगी तक फैले कालवे में हुए अतिक्रमण हटाने के लिए जल संसाधन विभाग ने अब अतिरिक्त 50 सब इंजीनियराें की नियुक्ति की है. कालवे के प्रत्येक पांच किलाेमीटर के लिए चार अभियंताओं काे इस अभियान में लगाया गया है. नहर परिसर में स्थित झुग्गी बस्तियाें के अतिक्रमण हटाने के बाद वहां बाउंड्रीवाॅल का निर्माण किया जाएगा, ऐसी जानकारी जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दी.इस बीच विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि बांध क्षेत्र में 100 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं और नहर क्षेत्र की 25 हेक्टेयर में से पांच हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त की गई है.खड़कवासला बांध क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमणाें की शिकायत मिलने के बाद मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने इस पर गंभीर ध्यान दिया था. उन्हाेंने जल संसाधन विभाग काे तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. पिछले कुछ महीनाें से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चल रहा है और जमीन काे पुनः कब्जे में लेने के आदेश दिए गए हैं.
 
मंत्री विखे पाटिल ने महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास महामंडल की नियामक मंडल की बैठक के बाद पत्रकाराें से बातचीत करते हुए कहा कि खड़कवासला बांध क्षेत्र के सभी अतिक्रमणाें काे हटाकर जमीन विभाग के कब्जे में ली जाएगी.खड़कवासला बांध से फुरसुंगी तक की नहर पुणे शहर से हाेकर गुजरती है, जिसके किनारे जल संसाधन विभाग की जमीन पर बड़ी संख्या में अतिक्रमण हुए हैं. इनमें झुग्गी बस्तियाें की संख्या अधिक हाेने के कारण उन्हें हटाना चुनाैतीपूर्ण है, यह बात उन्हाेंने स्वीकार की. हालांकि सभी झुग्गी बस्तियाें काे नाेटिस जारी कर दिए गए हैं और सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे, यह उन्हाेंने स्पष्ट किया.इस अभियान के लिए जल संसाधन विभाग के 50 उप अभियंताओं काे शामिल किया गया है. अतिक्रमण हटाने के लिए प्रत्येक पांच किलाेमीटर पर चार सब इंजीनियर तैनात रहेंगे. अतिक्रमण हटने के बाद इन स्थानाें पर बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी.