महात्मा फुले के विचारों से शिक्षा को नई दिशा मिली

सूर्यदत्त में महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती मनाई गई

    14-Apr-2026
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बावधन, 13 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

महात्मा ज्योतिराव फुले के विचार आज की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाले हैं. शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन की उनकी सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, यह विचार सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने व्यक्त किए. वे सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में महात्मा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय और सतत योगदान के लिए डॉ. रवी चौधरी को ‌‘सूर्यभारत राष्ट्रीय पुरस्कार‌’ से सम्मानित किया गया. बावधन स्थित सूर्यदत्त कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में सहयोगी उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षित कुशल, अधिष्ठाता डॉ. प्रतिक्षा वाबले, प्रो. केतकी बापट, डॉ. सिमी रेठरेकर, डॉ. सारिका झांबड सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे. भव्य और प्रेरणादायी वातावरण में आयोजित यह कार्यक्रम समाज जागरूकता, महिला शिक्षा, किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जीवन समर्पित करने वाले महात्मा फुले के कार्यों को नमन करते हुए यह आयोजन विचारों के मंथन का मंच बना. पूरे परिसर में शिक्षा ही परिवर्तन का माध्यम है का संदेश गूंजता रहा. डॉ. रवि चौधरी ने कहा कि महात्मा फुले के विचारों से ही मुझे शिक्षा क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा मिली. शिक्षा केवल कैरियर बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को बदलने की शक्ति है. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने महात्मा फुले के जीवन और कार्यों पर आधारित प्रस्तुतियां, विचार-विमर्श और सामाजिक संदेश देने वाले कार्यक्रम प्रस्तुत किए. कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील धनगर ने किया.