प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी द्वारा विकसित भारत-2047 का संकल्प लिया गया है और उसकी पूर्ति के लिए विकसित महाराष्ट्र के माध्यम से राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी याेजनाएं लागू कर रही ै. इसी के तहत जनहितकारी, तेज और पारदर्शी निर्णय लिए जा रहे हैं, यह बात राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कही.वे छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान के अंतर्गत लाेणीकंद में आयाेजित समाधान शिविर में साेमवार 13 अप्रैल काे बाेल रहे थे. इस अवसर पर विभागीय आयुक्त डाॅ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, अपर जिलाधिकारी सतीश राऊत, उपविभागीय अधिकारी यशवंत माने, जिला मध्यवर्ती बैंक के संचालक प्रदीप कंद सहित विभिन्न क्षेत्राें के मान्यवर उपस्थित थे.
बावनकुले ने कहा कि इस शिविर में 20 गांवाें काे शामिल किया गया है और विभिन्न विभागाें की 45 सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इस शिविर के माध्यम से राज्य में पहले चरण में 40 हजार फेरफार दुरुस्ती, 20 हजार सातबारा दुरुस्ती, 1 लाख कम्प्यूटीकृत सातबारा वितरण और 2 लाख विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्राें का वितरण किया गया है. पुणे जिले में 13 हजार 33 प्रमाणपत्र वितरित किए गए.
कुल मिलाकर लगभग 5 लाख परिवाराें काे इस शिविर का लाभ मिला है.आने वाले समय में पीएमआरडीए क्षेत्र में टुकड़ेबंदी कानून के क्रियान्वयन काे लेकर जल्द बैठक कर निर्देश दिए जाएंगे.भामा आसखेड परियाेजना से संबंधित किसानाें के सातबारा पर दर्ज टिप्पणियाें काे कम करने के लिए पुनर्वसन मंत्री और विभागीय आयुक्त के साथ बैठक कर जल्द निर्णय लिया जाएगा. देवस्थान के नाम पर दर्ज इनाम जमीन के संबंध में आगामी अधिवेशन में कानून लाया जाएगा, ऐसा उन्हाेंने बताया.