दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल रैकेट का भंडाफाेड़ !

    14-Apr-2026
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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े और बेहद शातिर हाईटेक नकल रैकेट का खुलासा किया है, जिसने पुलिस भर्ती परीक्षा की पूरी प्रक्रिया काे ही कठघरे में खड़ा कर दिया है. करीब दाे महीने तक चली जांच के बाद इस गिराेह का पर्दाफाश हुआ, जिसमें अब तक कम से कम 16 लाेगाें काे गिरफ्तार किया जा चुका है. इस रैकेट में 3 पुलिसकर्मी भी शामिल पाए गए हैं. यह गिराेह कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं में तकनीक के जरिए धांधली कर रहा था और उम्मीदवाराें से लाखाें रुपये वसूल रहा था. बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में पुलिस विभाग के कुछ बड़े अधिकारियाें पर भी शिकंजा कसा गया है.जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल रिमाेट एक्सेस और वर्चुअल ऐप्स के जरिए चलाया जा रहा था. परीक्षा केंद्राें पर बैठे उम्मीदवार सिर्फ दिखावे के लिए कंप्यूटर के सामने बैठते थे, जबकि असली परीक्षा कहीं और बैठे साॅल्वर दे रहे हाेते थे. ये साॅल्वर रिमाेट डेस्कटाॅप ऐप्स के जरिए परीक्षा के कंप्यूटर से कनेक्ट हाेकर सवाल देखते और तुरंत सही जवाब भर देते थे.
 
उम्मीदवार काे सिर्फ ऐसा दिखाना हाेता था कि वही परीक्षा दे रहा है, ताकि किसी काे शक न हाे। इस रैकेट की सबसे खतरनाक बात यह थी कि इसमें अंदरूनी मिलीभगत भी शामिल थी. परीक्षा केंद्र के टेक्नीशियन और स्टाफ ने कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ की और साॅफ्टवेयर इंस्टाॅल किए. इसके जरिए एक तरह का डिजिटल ब्रिज तैयार किया गया, जिससे बाहर बैठे साॅल्वर सीधे परीक्षा सिस्टम तक पहुंच सकें. यहां तक कि नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर्स ने जान- बूझकर फायरवाॅल और सिक्याेरिटी सिस्टम काे बायपास किया, ताकि यह पूरा खेल बिना किसी रुकावट के चलता रहे.गिराेह उम्मीदवाराें से इस सेटअप के बदले भारी रकम वसूलता था. हर उम्मीदवार से 15 लाख रुपये तक लिए जाते थे. कई मामलाें में गिराेह उम्मीदवाराें के डाॅक्यूमेंट अपने पास गिरवी रख लेते थे और पूरी रकम मिलने के बाद ही उन्हें वापस करते थे. इस पूरे नेटवर्क में पैसाें का लेन-देन भी बेहद गुप्त तरीके से किया जाता था, ताकि काेई सबूत न मिले. यह परीक्षा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के माध्यम से आयाेजित की जा रही थी और इस खुलासे के बाद एसएससी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है.