शिवाजीनगर, 14 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) हम महापुरुषों को केवल मूर्तियों (पुतलों) तक सीमित कर देते हैं; लेकिन उन्हें एक इंसान के रूप में समझना अधिक महत्वपूर्ण है. जब हमें उनके संघर्ष का अहसास होगा, तभी उनके विचारों का वास्तविक मूल्य समझ में आएगा. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों से समाज निर्माण का संदेश मिलता है, ऐसा प्रतिपादन लेखक एवं शोधकर्ता केशव वाघमारे ने किया. वे सिंबायोसिस संस्था के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संग्रहालय और स्मारक द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार (14 अप्रैल) को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के प्रांगण में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संजीवनी मुजुमदार (मानद निदेशिका, सिम्बायोसिस संस्था का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संग्रहालय और स्मारक) ने कार्यक्रम का प्रास्ताविक भाषण दिया. इस कार्यक्रम में डॉ. विद्या येरवड़ेकर (प्रधान निदेशिका, सिम्बायोसिस), डॉ. आर. रमण (कुलपति, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी), एड. नीलेश निकम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. डॉ. एस. बी. मुजुमदार (संस्थापक एवं अध्यक्ष, सिम्बायोसिस) ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा, हर व्यक्ति को जीवन में एक अवसर मिलता है. उस अवसर का सही उपयोग कर जीवन को दिशा देने वाले ही वास्तव में महान बनते हैं. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने शिक्षा के बल पर स्वयं के और समाज के जीवन में परिवर्तन लाया, यही सीख प्रत्येक विद्यार्थी को आत्मसात करनी चाहिए.