पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 110 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के साथ भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.53 लाख कराेड़ रुपये के निवेश वाली 100 परियाेजनाओं काे मंजूरी दी है. यह भारत में विश्वस्तरीय उच्च क्षमता वाले रेल नेटवर्क के विकास की दिशा में 56 प्रतिशत की वृद्धि काे दर्शाता है.अंतिम छाेर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और वंचित क्षेत्राें काे जाेड़ने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत व्यापक विस्तार कर रहा है.समावेशी विकास और राष्ट्रीय एकता काे ध्यान में रखते हुए स्वीकृत 100 परियाेजनाओं में नई लाइनें, दाेहरीकरण, मल्टीट्रैकिंग, बाईपास लाइनें, फ्लाईओवर और काॅर्ड लाइनशामिल हैं. इन परियाेजनाओं के तहत 6,000 किलाेमीटर से अधिक रेलवे नेटवर्क का विकास किया जाएगा.
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में 72,869 कराेड़ रुपये की 64 परियाेजनाओं (2,800 किमी) की तुलना में इस वर्ष परियाेजना अनुमाेदन में 56 प्रतिशत, मार्ग कवरेज में 114 प्रतिशत और वित्तीय प्रतिबद्धता में 110 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है.
महाराष्ट्र (17 परियाेजनाएं), बिहार (11), झारखंड (10) और मध्य प्रदेश (9) प्रमुख फाेकस राज्य हैं. ये परियाेजनाएं माल ढुलाई, औद्याेगिक संपर्क और यात्री आवागमन काे सुदृढ़ करेंगी.प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप ये परियाेजनाएं सामाजिक परिवर्तन काे भी गति देंगी.छत्तीसगढ़ में राैघाटजगदलपुर लाइन और झारखंड-ओडिशा के काॅरिडाेर वंचित क्षेत्राें काे बाजार, स्वास्थ्य, शिक्षा और राेजगार से जाेड़ेंगे.35 से अधिक परियाेजनाएं 1,000 कराेड़ रुपये से अधिक की हैं, जाे काॅरिडाेर स्तर के विकास की आधारशिला बनेंगी.