सैलिसबरी पार्क, 15 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन सकल संघ, पुणे जिले की नई चुनी हुई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह सैलिसबरी पार्क के महावीर प्रतिष्ठान में मंगलवार (14 अप्रैल) को संपन्न हुआ. इस कार्यक्रम में संघ से जुड़े अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी, समाज की अलग-अलग समस्याओं पर काम करने वाले प्रतिनिधि, वरिष्ठ मार्गदर्शक, पूर्व पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज बंधु शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत संगीतकार महेश संचेती के मंगलाचरण और नवकार मंत्र के जाप से हुई. उसके बाद, नए चुने गए प्रेसिडेंट विलास राठौड़ और उनकी पूरी कार्यकारिणी ने विधिवत शपथ ली और समाज की सेवा, संगठन को मजबूत करने और सामाजिक समरसता का संकल्प लिया. मौजूद वविष्ठों ने नई कार्यकारिणी का मार्गदर्शन किया और समाज को और ज्यादा संगठित, सक्षम और प्रगतिशील बनाने की अपील की. नई कार्यकारिणी कमेटी में सीनियर मेंटर के तौर पर प्रकाश धारीवाल, विजयकांत कोठारी (संस्थापक अध्यक्ष), रमनलाल लुंकड़ (मेंटर) और पोपटलाल ओस्तवाल (पूर्व अध्यक्ष) शामिल हैं. विलास राठौड़ (अध्यक्ष), अनिल नाहर (कार्यकारी अध्यक्ष), बालासाहेब धोका (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), और अशोक कुमार पगारिया, गिरीश पारख और सतीश सुराणा (उपाध्यक्ष) चुने गये है. साथही सागर सांकला (महासचिव), नितिन बेदमुथा और माणिक दुगड़ (सह-सेक्रेटरी), प्रमोद लुंकड़ (कोषाध्यक्ष) और अभिजीत डूंगरवाल (प्रसिद्धि-प्रमुख) बनाया गया है. इसके अलावा, कार्यकारिणी सदस्यों में शांतिलाल बोरा, सुभाष लालवानी, आदेश खिंवासरा, प्रकाश बोरा, राजेंद्र मुणोत, प्रवीण सोलंकी, राजेंद्र गोठी, नंदकुमार लुनावत, दीपक कर्णावट, विलास भालगट, सागर बलदोटा, नितिन बांठिया, मनोज पोखरना, मनोज भंडारी और सुरेश गांधी शामिल हैं.
नई कार्यकारिणी सिर्फ पदभार नहीं ले रही है, बल्कि समाज की सेवा करने, खुद को समर्पित करने और कल्चर को आगे बढ़ाने का भी संकल्प ले रही है. आज के समय में सभी को एक साथ आकर समाज के हर वर्ग को साथ लेकर संगठन को मजबूत करने की जरूरत है. अगर हम तालमेल और सकारात्मक सोच के साथ काम करेंगे, तो समाज निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा. - शांतिलाल मुथा
यह जिम्मेदारी का समय है और हर पदाधिकारी को पारदर्शक, ईमानदारी और टीमवर्क के साथ काम करना चाहिए. नई कार्यकारिणी के पास समाज को नई दिशा देने का एक बड़ा मौका है अगर हम युवाओं के साथ काम करें और आधुनिक सोच और परंपरा के बीच संतुलन बनाए रखें, तो संघ की तरक्की और तेज होगी. - प्रकाश धारीवाल
समाज की असली ताकत उसकी एकता और आपसी वेिशास में है. अगर सभी पदाधिकारी लगन की भावना से मिलकर काम करें, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है. नई कारिकारिणी से उम्मीद है कि वह समाज के सभी वर्गों को जोड़कर विकास के नए आयाम बनाएगी. - प्रकाश पारख