स्मार्ट हेल्थकेयर पर ‌‘सिमहेल्थ नेशनल कॉन्फ्रेंस‌’ का आयोजन

सिम्बायोसिस इंटरनेशनल डीम्ड यूनिवर्सिटी द्वारालवले स्थित कैम्पस में 17 से दो दिवसीय कार्यक्रम

    16-Apr-2026
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(डॉ.राजीव येरवडेकर )
सिम्बायोसिस के मेडिकल और
हेल्थ साइंसेज फैकल्टी के प्रोवोस्ट
पुणे, 15 अप्रैल (आ.प्र.)

सिम्बायोसिस इंटरनेशनल डीम्ड यूनिवर्सिटी अपनी फैकल्टी ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के जरिए, ‌‘सिमहेल्थ‌’ होस्ट करने वाला है यह दो-दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस है. इस कॉन्फ्रेंस की थीम स्मार्ट हेल्थकेयर को प्रिडिक्टिव, प्रिसिजन और पर्सनलाइज्ड हेल्थ सिस्टम यह है. 17 और 18 अप्रैल, 2026 को लवले कैंपस में यह कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है. सिम्बायोसिस इंटरनेशनल डीम्ड यूनिवर्सिटी के मेडिकल और हेल्थ साइंसेज फैकल्टी के प्रोवोस्ट डॉ. राजीव येरवडेकर ने बुधवार (15 अप्रैल ) को पत्रकार भवन में हुई पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी. सिमहेल्थ ने अब अपने 27वें साल में हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और पब्लिक पॉलिसी के संगम पर भारत के सबसे बड़े एकेडमिक आयोजनों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है. इस कॉन्फ्रेंस में 1,400 से अयादा डेलीगेट्स के आने की उम्मीद है जिसमें डॉक्टर, रिसर्चर, पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल,आईटी इनोवेटर और सीनियर सरकारी अधिकारी शामिल होंगे, जिसमें दो दिनों तक कीनोट एड्रेस, पैनल डिस्कशन, ओरल पेपर प्रेजेंटेशन और क्रॉस-सेक्टर पर बातचीत होगी. भारत का हेल्थकेयर लैंडस्केप डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्सनलाइअड मेडिसिन की वजह से बदलाव के दौर से गुजर रहा है. इस कॉन्फ्रेंस को सबसे तेज दिमागों को एक साथ लाने के लिए डिजाइन किया गया है ताकि इन संभावनाओं को असल दुनिया के समाधानों में बदला जा सके. कॉन्फ्रेंस की खास बातें यह है कि 17 अप्रैल (शुक्रवार) को इसकी शुरुआत एक प्री-कॉन्फ्रेंस सिंपोजियम से होगी. जिसमें प्रिसिजन न्यूट्रिशन के लिए स्मार्ट फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, प्रेडिक्टिव हेल्थ मॉडल में बायस कम करने के फ्रेमवर्क, और हेल्थकेयर लीडरशिप में बदलते पैटर्न शामिल होंगे. दोपहर में फॉर्मल इनॉगरल सेरेमनी होगी, जिसमें वैल्यू-बेस्ड केयर के लिए कैटलिस्ट के तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस और सुपोषित भारत के तहत चर्चा होगी. 18 अप्रैल (शनिवार) को रिसर्चर्स ओरल पेपर प्रेजेंटेशन देंगे. जिसके बाद नर्सिंग के डिजिटल ट्रांसफॉर्मे शन, हेल्थकेयर में डिजिटल ट्विन्स, न्यूट्रिशनल कमियों के लिए प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, पब्लिक हेल्थ सर्विलांस, और एआई-ड्रिवन पर्सनलाइज्ड केयर के लीगल असर पर सेशन होंगे. कॉन्फ्रेंस का समापन सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के चांसलर प्रो. डॉ. एस. बी. मुजुमदार की अध्यक्षता में होगा. इस कॉन्फ्रेंस में डीआरजी पॅथलैब के फाऊंडर और ऑनक्वेस्ट लैबोरेटरीज लिमिटेड की मेडिकल एडवाइजरी कमेटी के चेयर डॉ.रवि गौर, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के चांसलर प्रो.डॉ. एस. बी. मुजुमदार, यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स ऑफ लीसेस्टर एनएचएस ट्रस्ट, यूके के डॉ. सैली सिंह, मुंबई स्थित बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी के इंस्टीट्यूशनल बिजनेस की चीफ मेंटर अल्पना सिंह, फार्माकोविजिलेंस और रिस्क मैनेजमेंट, ल्यूपिन की वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल हेड डॉ. दीपा अरोरा, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्ट डॉ. प्रभाकरन डी., बिहेवियरल साइंसेज एनआईएमएचएएनएस के साइकेट्री के प्रोफेसर और पूर्व डीन डॉ. संतोष चतुर्वे दी, हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की डायरेक्टर डॉ. भारती कुलकर्णी आदि गणमान्य व्यक्ति इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे. यह कॉन्फ्रेंस महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त है.