पुणे, 16 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) वर्तमान में फूड को वैेिशक सॉफ्ट पावर के रूप में देखा जाता है. एक ओर पिछले कुछ वर्षों में भारत में विभिन्न देशों की खाद्य संस्कृति का अनुभव देने वाले होटल और रेस्टोरेंट नागरिकों की पसंद बन रहे हैं, वहीं देश के हर क्षेत्र में भी अत्यंत समृद्ध खाद्य संस्कृति देखने को मिल रही है. महाराष्ट्र में हर 5 किलोमीटर पर जैसे भाषा बदलती है, वैसे ही हर 10 किलोमीटर पर खाद्य संस्कृति भी बदलती है. इस मराठी खाद्य संस्कृति को वैेिशक मानकों का परिष्कृत स्वरूप देकर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड के रूप में स्थापित करने का कार्य चितले बंधु मिठाईवाले ने किया है. यह विचार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किए. वे चितले बंधु मिठाईवाले द्वारा भोर तहसील के रांजे में स्थापित ‘रांजे विजन पार्क’ नामक अत्याधुनिक प्रोडक्शन यूनिट के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे. इस अवसर पर चितले बंधु मिठाईवाले संस्था के भागीदार गोविंद (संजय) चितले, श्रीकृष्ण चितले, इंद्रनील और केदार चितले के साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, विधायक भीमराव तापकीर, सिद्धार्थ शिरोले, नगरसेवक राजेंद्र शिलीमकर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चितले बंधु की चार पीढ़ियों ने अब तक केवल उद्योग को निरंतर बनाए ही नहीं रखा, बल्कि उसका विस्तार भी किया है. प्रत्येक पीढ़ी ने अपने समय की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उनका साहसपूर्वक सामना किया और आज का यह चितले का वैेिशक ब्रांड आत्मवेिशास के साथ खड़ा किया है, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं. हमारी कहीं शाखा नहीं से लेकर हम 35 देशों में हैं तक का चितले का सफर अत्यंत प्रेरणादायी है. मुझे वेिशास है कि जल्द ही विदेशों में भी चितले बंधु के उत्पादों को खरीदने के लिए कतारें लगेंगी. कार्यक्रम का संचालन वसुंधरा काशीकर ने किया. क्या है रांजे विजन पार्क ? लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में विकसित रांजे विजन पार्क में मिठाई और नमकीन के लिए दो अलग-अलग उत्पादन इकाइयों की स्थापना की गई है, जो अब कार्यरत हैं. इन इकाइयों की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 40 टन मिठाई और नमकीन तैयार करने की है. इस परियोजना में अब तक 250 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. यह अत्याधुनिक उत्पादन परियोजना देश और विदेश के बाजारों में विस्तार की आवश्यकताओं को पूरा करेगी. इस पार्क में ग्राहकों के लिए विशेष व्यूइंग गैलरी बनाई गई है, जहां से वे उत्पादन प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देख सकते हैं और यह समझ सकते हैं कि उत्पाद किस प्रकार पूर्णतः स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से तैयार होते हैं. यहां 100 मीटर लंबी विशेष दीवार बनाई गई है, जिसमें चितले बंधु मिठाईवाले की अब तक की यात्रा को दर्शाया गया है.
...जब मुख्यमंत्री ने बताई बाकरवड़ी की दिवानगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुणे में चितले और बाकरवडी पर जितनी चर्चाएं होती हैं, उतनी किसी अन्य ब्रांड पर नहीं होतीं है. उन्होंने आगे कहा कि बचपन में छुट्टियों में जब वे पुणे अपने चाचा के यहां आते थे, तो वापसी के समय चाची उन्हें एक बाकरवडी का पैकेट देती थीं. लेकिन नागपुर पहुंचने से पहले ही वह समाप्त हो जाता था. इसके बाद उन्हें दो पैकेट मिलने लगे, एक घर ले जाने के लिए और एक रास्ते में खाने के लिए. इस प्रकार वे बचपन से ही बाकरवडी के प्रशंसक रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जब नागपुर में चितले एक्सप्रेस शुरू हुआ, तब नागपुरवासियों को वैसी ही खुशी हुई थी जैसे कोई बड़ा प्रतिष्ठान खुला हो.
‘रांजे विजन पार्क’ आगामी 25 सालों के विजन को ध्यान में रखकर बनाया गया :इंद्रनील चितले
इंद्रनील चितले ने कहा कि पारदर्शिता, वेिशास और परंपरा इन तीन स्तंभों पर चितले समूह खड़ा है. आज की इस फैक्टरी का उद्घाटन चितले बंधु की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण है और रांजे विजन पार्क समूह की आगामी 25 वर्षों की विकास योजना को ध्यान में रखकर बनाया गया है.उन्होंने कहा, हमारी दृष्टि है कि देश का प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन हमारे कम से कम एक उत्पाद का सेवन करे. स्नैक उत्पादों के संदर्भ में प्रायः विदेशी नाम ही सामने आते हैं, इस धारणा को बदलकर हमारे पारंपरिक मराठी उत्पाद देश-विदेश में लोकप्रिय हों, इसके लिए हम नवाचार कर रहे हैं.