सेवाकार्यों में समाज भी सक्रिय सहभागिता करे

लता-आशा मंगेशकर अस्पताल के शिलान्यास समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा

    17-Apr-2026
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पुणे, 16 अप्रैल (आ.प्र.)

निस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी हो तभी सेवाकार्य सफल होते हैं. सच्ची सेवा अपनेपन की भावना से ही जन्म लेती है और इसी अपनत्व के कारण समाज में आज भी अच्छाई बनी हुई है. समाज को भी ऐसे सेवाकार्यों में अपनी क्षमता के अनुसार सहभागी होना चाहिए, ऐसा आह्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को यहां किया. निस्वार्थ भाव से अपनत्व के साथ की गई सेवा ही धर्म है, वे नांदोशी (पुणे) में लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, महापौर मंजुषा नागपुरे, पंडित हृदयनाथ मंगेशकर, उषा मंगेशकर, आनंद भोसले और संस्थान के चिकित्सा संचालक डॉ. धनंजय केलकर उपस्थित थे. कार्यक्रम की शुरुआत में आशाताई भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगेशकर परिवार की देशभक्ति की सराहना की. उन्होंने कहा कि मंगेशकर परिवार केवल संगीत के लिए ही नहीं, बल्कि प्रखर देशभक्ति के लिए भी जाना जाता है. दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने कभी सेवा का सौदा नहीं किया, बल्कि सेवाभाव बनाए रखते हुए हजारों मरीजों का उपचार किया. आज के समय में किफायती स्वास्थ्य सेवा की बहुत आवश्यकता है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आशा भोसले के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि आशाताई ने कठिन संघर्ष के बाद जीवन का आनंदमय गीत गाया. इस नए अस्पताल के माध्यम से हजारों परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी. कार्यक्रम का प्रस्तावना भाषण अस्पताल के चिकित्सा संचालक डॉ. धनंजय केलकर ने दिया. कार्यक्रम का संचालन अनिरुद्ध देडके ने किया.