पिंपरी, 17 अप्रैल (आ.प्र.) नई तकनीक से मिले ज्ञान का इस्तेमाल जिरमेदारी से करना चाहिए. शिक्षा सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि आम लोगों की जिंदगी में अच्छे बदलाव लाने का एक जरिया बननी चाहिए. छात्रों को अपने कौशल का इस्तेमाल कर देश की तरक्की में एक सार्थक योगदान देना चाहिए, पिंपरी चिंचवड़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. संतोष सोनावणे ने कहा. वे पिंपरी चिंचवड़ एजुकेशन ट्रस्ट के साते (वडगांव मावल) में पिंपरी चिंचवड़ यूनिवर्सिटी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘मेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग प्रमाणपत्र’ और डिप्लोमा कार्यक्रम के पहले बैच के स्वागत और उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे. यह पहल राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है. इस समारोह में टाटा मोटर्स के विवेक बिंद्रा, डॉ. रंगा गुंटी, संतोष बढ़े के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस-चांसलर डॉ. सुदीप थेपड़े, अलग-अलग विभागों के डीन, डायरेक्टर और प्रोफेसर मौजूद थे. पीसीईटी के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर लांडगे, चांसलर हर्षवर्धन पाटिल, सचिव विट्ठल कालभोर और कार्यकारी निदेशक डॉ. गिरीश देसाई ने प्रवेश लेने वाले छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम का पूनम बोरले ने सूत्र-संचालन किया. इस मौके पर टाटा मोटर्स के प्लांट हेड नीरज अग्रवाल ने कहा, यह पहल इंडस्ट्री और शिक्षा संस्था के बीच के अंतर को कम करेगी. छात्रों को न सिर्फ थ्योरेटिकल ज्ञान मिलेगा बल्कि वे व्यवहारिक कार्यानुभव, अनुशासन और नवाचार भी सीखेंगे, जो उन्हें भविष्य के काबिल पेशेवर बनाएगा.कार्यक्रम के हेड डॉ. उमेश पोतदार ने कहा कि क्लासरूम शिक्षा और प्रैक्टिकल इंडस्ट्रियल अनुभव का असरदार एकीकरण इस प्रशिक्षण की पहचान है. इस कार्यक्रम के मौके पर प्रोफेसरों ने टाटा मोटर्स की अत्याधुनिक असेंबली लाइन और रोबोटिक ऑटोमेशन विभाग का निरीक्षण कर जानकारी ली.