राज्य में रिक्शा, टैक्सी, स्कूल बस और टेम्पाे चालकाें के सामने एटीएस (ऑटाेमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) प्रणाली के कारण उत्पन्न वाहन फिटनेस जांच का गंभीर संकट आखिरकार समाप्त हाे गया है. केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर माेहाेल के निरंतर प्रयासाें के चलते, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने वाहन नवीनीकरण प्रक्रिया काे अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. मंत्री माेहाेळ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के माध्यम से केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी के समक्ष इस मुद्दे काे उठाया, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता प्राप्त हुई है.सड़क सुरक्षा काे अधिक सख्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने व्यावसायिक वाहनाें की फिटनेस जांच के लिए मएटीएसफ प्रणाली काे अनिवार्य करने का निर्णय लिया था.
हालांकि, महाराष्ट्र के कई आरटीओ क्षेत्राें में यह प्रणाली अभी पूरी तरह सक्षम नहीं हाे पाई है. इस तकनीकी बदलाव के कारण राज्य के 11 प्रमुख आरटीओ क्षेत्राें में लगभग 15 लाख व्यावसायिक वाहनाें का नवीनीकरण पूरी तरह बंद हाे गया था.इसके चलते राेज़ कमाने-खाने वाले रिक्शा चालकाें से लेकर माल परिवहन करने वालाें तक सभी के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हाे गया था.महाराष्ट्र के 11 आरटीओ क्षेत्राें में एटीएस प्रणाली काे अनिवार्य किए जाने के कारण तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुईं और वाहन पासिंग की प्रक्रिया ठप हाे गई थी. इससे राज्य के लगभग 15 लाख व्यावसायिकवाहनधारकाें काे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था.
इस गंभीर स्थिति काे मंत्री माेहाेळ ने संज्ञान में लेते हुए उच्च स्तर पर तत्काल चर्चा की और इस कठाेर शर्त काे फिलहाल शिथिल कराने में सफलता प्राप्त की.